– भीषण गर्मी में बड़ी संख्या में पहुंचे मजदूर, एक जुलाई से कार्य शुरू कराने का प्रशासन ने दिया आश्वासन
हनुमानगढ़। अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन की जिला कमेटी के नेतृत्व में गुरुवार को मनरेगा कार्यों को नियमित रूप से शुरू कराने, मजदूरों को रोजगार उपलब्ध करवाने तथा मजदूरी संबंधी समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर जिला परिषद कार्यालय का घेराव किया गया। भीषण गर्मी के बावजूद जिले के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में मनरेगा एवं खेत मजदूर, विशेषकर महिलाएं, प्रदर्शन में शामिल हुईं। मजदूरों ने नारेबाजी करते हुए सरकार और प्रशासन का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित किया। घेराव प्रदर्शन के दौरान आयोजित सभा को संबोधित करते हुए यूनियन पदाधिकारियों और वक्ताओं ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण गरीबों, खेत मजदूरों और बेरोजगार परिवारों के लिए जीवनरेखा साबित हुई है, लेकिन हाल के वर्षों में काम की उपलब्धता में कमी और भुगतान में देरी जैसी समस्याओं ने मजदूरों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण रोजगार योजना को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। वक्ताओं ने कहा कि विभिन्न नई योजनाओं और व्यवस्थाओं के जरिए ग्रामीण श्रमिकों के रोजगार के अधिकार को प्रभावित किया जा रहा है, जिससे गरीब और श्रमिक वर्ग के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो रहा है। सभा में वक्ताओं ने मांग की कि मनरेगा के तहत सभी जरूरतमंद मजदूरों को लगातार और पर्याप्त कार्य उपलब्ध कराया जाए। मजदूरों को समय पर पूर्ण मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित किया जाए तथा भुगतान में होने वाली देरी पर प्रभावी कार्रवाई की जाए। इसके अलावा कार्यस्थलों पर छाया, पीने के पानी, प्राथमिक उपचार, दवाइयों और छोटे बच्चों के लिए पालना गृह जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग की गई। मजदूरों ने बताया कि कई पंचायतों में लंबे समय से मनरेगा कार्य बंद पड़े हैं, जिसके कारण ग्रामीण परिवारों के सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। खेत मजदूरों का कहना था कि कृषि कार्यों में रोजगार सीमित होने के कारण मनरेगा ही उनके परिवार की आय का प्रमुख साधन है। ऐसे में कार्य नहीं मिलने से परिवारों का भरण-पोषण करना कठिन हो रहा है। प्रदर्शन के दौरान जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी मौके पर पहुंचे और मजदूरों की समस्याएं सुनीं। यूनियन प्रतिनिधियों ने उन्हें विभिन्न पंचायतों में लंबित मांगों और कार्य शुरू कराने संबंधी सूची भी सौंपी। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को आश्वस्त किया कि जिन पंचायतों की सूची उन्हें सौंपी गई है, वहां प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर 1 जुलाई से मनरेगा कार्य प्रारंभ करवाने का प्रयास किया जाएगा। आश्वासन मिलने के बाद प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय में कार्य शुरू नहीं हुए और मजदूरों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो यूनियन आगामी दिनों में आंदोलन को और तेज करेगी। प्रदर्शन के अंत में मजदूरों ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा और ग्रामीण गरीबों के रोजगार के अधिकार की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
