अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
हनुमानगढ़। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर माय भारत केंद्र, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, राजस्थान सरकार के संयुक्त तत्वावधान में पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय में प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में महिलाओं के सम्मान, समानता और सशक्तिकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा युवाओं को नारी शक्ति के महत्व से अवगत कराना रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती एवं स्वामी विवेकानंद की तस्वीर के समक्ष मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया।

इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे) गजेन्द्र सिंह तेंनगुरिया, जिला न्यायाधीश मीनाक्षी अग्रवाल, पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय के प्रिंसिपल आर.सी. डेरू, प्रिंसिपल मोनिका चावला, माय भारत कार्यालय के लेखाधिकारी महेश कुमार सैनी, जिला युवा सलाहकार समिति के सदस्य दलीप वर्मा, राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवक योगेन्द्र सिंह, विजय सहित कई गणमान्य नागरिक, शिक्षकगण और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि एडीजे गजेन्द्र सिंह तेंनगुरिया ने कहा कि महिलाओं के बिना समाज और राष्ट्र का विकास अधूरा है। उन्होंने कहा कि महिला ही परिवार, समाज और देश की प्रगति की मजबूत आधारशिला होती है। जब महिलाएं सशक्त और जागरूक होती हैं, तब समाज में सकारात्मक परिवर्तन संभव होता है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना अत्यंत आवश्यक है।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण समाज के हर वर्ग को न्याय और कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है और महिलाओं से जुड़े मामलों में भी संस्थान विशेष रूप से संवेदनशीलता के साथ कार्य करता है। इस अवसर पर जिला न्यायिक मजिस्ट्रेट मीनाक्षी अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाएं यदि आत्मविश्वास, दृढ़ संकल्प और आध्यात्मिक मूल्यों के साथ जीवन में आगे बढ़ें तो वे हर चुनौती को पार कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि आज की महिला हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा और क्षमता का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही है। शिक्षा, प्रशासन, खेल, विज्ञान और तकनीक सहित हर क्षेत्र में महिलाओं ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर समाज और देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने छात्राओं को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहें और जीवन में आगे बढ़ने के लिए आत्मविश्वास बनाए रखें।

पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय के प्रिंसिपल आर.सी. डेरू ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज में महिलाओं को समान अवसर और सम्मान मिलना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही वह सबसे प्रभावी माध्यम है, जिसके जरिए महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाया जा सकता है। जब महिलाएं शिक्षित होंगी और आर्थिक रूप से मजबूत बनेंगी, तब समाज और राष्ट्र का विकास भी तेजी से होगा। उन्होंने विद्यालय में छात्राओं को बेहतर शिक्षा और अवसर प्रदान करने की प्रतिबद्धता भी व्यक्त की।

माय भारत केंद्र के लेखाधिकारी महेश कुमार सैनी ने कहा कि नारी शक्ति का प्रतीक है और भारतीय संस्कृति में नारी को देवी का स्वरूप माना गया है। उन्होंने कहा कि जहां नारी का सम्मान होता है, वहां देवताओं का निवास होता है। उन्होंने उपस्थित युवाओं से आह्वान किया कि वे समाज में महिलाओं के प्रति सम्मान और समानता की भावना को बढ़ावा दें तथा उनके अधिकारों की रक्षा के लिए सदैव सजग रहें। उन्होंने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस महिलाओं के सम्मान, समानता और सशक्तिकरण के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर है। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं और युवतियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं और मनोरंजक गतिविधियों का भी आयोजन किया गया। इनमें 100 मीटर, 200 मीटर और 400 मीटर दौड़ प्रतियोगिताएं विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं।

इसके अलावा प्रतिभागियों के उत्साह को बढ़ाने के लिए रस्सा-कस्सी सहित कई अन्य रोमांचक प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इन प्रतियोगिताओं में छात्राओं और युवतियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी प्रतिभा और खेल भावना का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में उपस्थित युवाओं और छात्राओं को महिलाओं के सम्मान, समानता और सशक्तिकरण के प्रति जागरूक रहने का संदेश भी दिया गया।

वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं के प्रति सकारात्मक सोच और सम्मानजनक व्यवहार से ही एक स्वस्थ, समृद्ध और प्रगतिशील समाज का निर्माण संभव है। अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने और युवाओं को प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम उत्साह, जागरूकता और प्रेरणा के वातावरण के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
