– समाधान नहीं हुआ तो तेज होगा आंदोलन
हनुमानगढ़। ग्राम सेवा सहकारी समितियों के कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए सोमवार को कलेक्ट्रेट के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान राजस्थान सहकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी गई कि जल्द समाधान नहीं होने पर चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि लंबे समय से कैडर अथॉरिटी और नियोजन व्यवस्था स्पष्ट नहीं होने के कारण कर्मचारियों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है, जिससे उनके कार्य और अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने इस मुद्दे पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की। इसके अलावा केंद्रीय सहकारी बैंकों में ऋण पर्यवेक्षक के पदों पर शत-प्रतिशत भर्ती करने की मांग उठाई गई।

कर्मचारियों का कहना है कि इससे कार्य व्यवस्था सुदृढ़ होगी और बेरोजगार युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। समिति ने वर्ष 2017 से पहले नियुक्त कर्मचारियों के नियमितीकरण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। बताया गया कि प्रक्रिया शुरू होने के बावजूद कई जिलों में अब तक कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी है। बैंकिंग सहायक के 20 प्रतिशत कोटे की भर्ती प्रक्रिया लंबित रहने पर भी कर्मचारियों ने नाराजगी जताई। उनका कहना है कि लंबे समय से भर्ती नहीं होने के कारण युवाओं के अवसर प्रभावित हो रहे हैं। समिति ने सरकार से मांग की कि सभी मुद्दों पर शीघ्र निर्णय लेकर समाधान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि जल्द सुनवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। इस दौरान अध्यक्ष रमेश ढाका, बलराम सरा, दीप सिंह, ओम तरड़, सुरेंद्र और राजीव सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
