हनुमानगढ़। देवस्थान विभाग की ओर से प्रबंधित एवं नियंत्रित राजकीय आत्मनिर्भर श्रेणी के भद्रकाली मंदिर में इस वर्ष 19 मार्च से 27 मार्च तक चैत्र मास का वार्षिक मेला आयोजित किया जाएगा। मेले को लेकर विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं और इस बार व्यवस्थाओं में कई अहम बदलाव किए जा रहे हैं। अब तक मेले के दौरान दुकानों का आवंटन ऑफलाइन किया जाता था, लेकिन इस वर्ष नवाचार करते हुए दुकानों का आवंटन ऑनलाइन ऑक्शन के माध्यम से किया जाएगा। यह आवंटन पूरे वर्ष के लिए होगा, जिससे अतिक्रमण पर रोक लगेगी और अवैध रूप से दुकानें लगाकर वसूली करने वालों पर नियंत्रण रहेगा।

मेला स्थल पर टेंट, बेरिकेडिंग, पेयजल, सफाई और रोशनी की व्यवस्था टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से की जाएगी। साथ ही सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और एक कर्मचारी को लगातार निगरानी की जिम्मेदारी दी जाएगी। जिला प्रशासन से समन्वय कर पर्याप्त सुरक्षा कर्मियों की ड्यूटी भी लगाई जाएगी ताकि छीनाझपटी जैसी घटनाओं पर तुरंत कार्रवाई हो सके। विभाग की ओर से प्रतिदिन एक हजार व्यक्तियों के रूकने व रात्रि को ठहरने के लिए रैन बसेरों में नि:शुल्क व्यवस्था की जाएगी। मंदिर की विशेष साज-सज्जा प्राकृतिक एवं कृत्रिम फूलों एवं रोशनी से करवाई जाएगी।

भद्रकाली मंदिर में लगने वाले मेले को लेकर आगामी दिनों में जिला कलक्टर की अध्यक्षता में बैठक भी होगी। गौरतलब है कि भद्रकाली मंदिर में हर साल चैत्र मास में मेले का आयोजन होता है। इसमें काफी संख्या में स्थानीय व बाहरी राज्यों से श्रद्धालु धोक लगाने आते हैं।
चढ़ावा राशि की होगी मॉनिटरिंग
देवस्थान विभाग के सहायक आयुक्त ओमप्रकाश ने कहा कि विभाग का प्रयास रहेगा कि भद्रकाली मंदिर में पूर्व व्यवस्थाओं, पूर्व अनुभव एवं श्रद्धालुओं एवं स्थानीय निवासियों की मांग के अनुरूप व्यवस्थाएं की जाएं। काफी बार महिलाओं एवं पुरुषों के लिए शौचालय की व्यवस्था पर्याप्त नहीं रहने, सफाई व्यवस्था उचित नहीं रहने या पार्किंग ठेकेदार की ओर से निर्धारित शुल्क से ज्यादा राशि श्रद्धालुओं से वसूलने की शिकायतें आती रहती हैं।

इस बार विभाग का प्रयास रहेगा कि इन समस्याओं का समय रहते समाधान किया जाए। जिला प्रशासन से सम्पर्क कर पर्याप्त सुरक्षा कर्मियों की ड्यूटी मेला स्थल पर लगाई जाएगी ताकि श्रद्धालुओं के साथ छीनाझपटी आदि की वारदात न हो। यदि होती है तो उस पर तत्काल कार्रवाई करवाने का प्रयास रहेगा। उन्होंने बताया कि चढ़ावे को लेकर विभाग की ओर से मंदिर में स्थाई रूप से दानपात्र लगाए गए हैं। जिन निरीक्षकों की ड्यूटी लगाई जाएगी उन्हें स्पष्ट हिदायत व निर्देश दिए जाएंगे कि विभाग को राजस्व के रूप में जो भेंट प्राप्त होती है उसकी पर्याप्त मॉनिटरिंग हो।

मंदिर में शराब, मीट इत्यादि चढ़ाना पूर्णतया प्रतिबंध है। इसके लिए समय-समय पर औचक निरीक्षण भी किया जाएगा। इस तरह की घटना सामने आने पर संबंधित पुजारियों के खिलाफ कठोर से कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मेले के दौरान भद्रकाली मंदिर को जाने वाला रास्ता जो अभी तक डबल लाइन नहीं हुआ है, इस मार्ग पर ट्रैफिक की समस्या न हो, इसके लिए ट्रैफिक पुलिस की विशेष व्यवस्था करवाई जाएगी।
