– ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत व्याख्यान एवं प्रतियोगिताओं का आयोजन
हनुमानगढ़। कार्यालय जिला कलक्टर एवं नोडल अधिकारी, राजकीय नेहरू मैमोरियल स्नातकोत्तर महाविद्यालय के निर्देशानुसार शनिवार को टाउन स्थित नेहरू मेमोरियल विधि महाविद्यालय में ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के अंतर्गत व्याख्यान एवं विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने युवाओं में बढ़ते नशे के रुझान पर चिंता जताते हुए विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने और समाज को नशामुक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। प्राचार्य डॉ. सीताराम ने कहा कि नशा व्यक्ति को शारीरिक और आर्थिक रूप से नुकसान पहुंचाने के साथ उसके परिवार और समाज को भी प्रभावित करता है। देश विकास की ऊंचाइयों को छू रहा है, लेकिन युवाओं में नशे की ओर बढ़ता रुझान गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने नशे की रोकथाम के लिए तीन महत्वपूर्ण नियम बताए। उन्होंने कहा कि सबसे पहले नशे के लिए स्पष्ट रूप से ‘ना’ कहना सीखें। दूसरा, अपने गांव या मोहल्ले के कम से कम 10 लोगों तक हेल्पलाइन नंबर 14446 पहुंचाएं, क्योंकि जरूरत पड़ने पर यह किसी की जान बचाने में मददगार साबित हो सकता है। तीसरा, अपने कम से कम पांच साथियों को नशे से दूर रहने की शपथ दिलवाएं, ताकि युवा पीढ़ी को इस बुराई से बचाया जा सके। विधिक सेवा क्लीनिक प्रभारी एवं सहायक आचार्य डॉ. बृजेश अग्रवाल ने सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के आंकड़े युवाओं में नशे की बढ़ती समस्या की ओर संकेत करते हैं। यदि समय रहते इस दिशा में आवश्यक कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं। उन्होंने नशे की रोकथाम के लिए जागरूकता और सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया।
पोस्टर और निबंध प्रतियोगिताओं में दिखाया हुनर
व्याख्यान के बाद पोस्टर एवं निबंध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। पोस्टर प्रतियोगिता में कुल पांच विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। इसमें विधि प्रथम सेमेस्टर की छात्राएं निधि गोयल और निशु संयुक्त रूप से प्रथम स्थान पर रहीं। विधि प्रथम सेमेस्टर की छात्रा सुदेश और छात्र प्रदीप ने संयुक्त रूप से द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जबकि विधि प्रथम वर्ष की छात्रा पूनम कंवर तृतीय स्थान पर रहीं। निबंध प्रतियोगिता में विधि चतुर्थ सेमेस्टर की छात्रा दया ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। विधि प्रथम वर्ष के छात्र पीयूष द्वितीय तथा विधि प्रथम सेमेस्टर की छात्रा सुदेश तृतीय स्थान पर रहीं। प्रतियोगिताओं में निर्णायक की भूमिका सह-आचार्य डॉ. केबी ओझा और सहायक आचार्य क्रांति गिला ने निभाई। कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य डॉ. सीताराम ने लोगों को नशे से दूर रहने की शपथ दिलवाई।
