हनुमानगढ़। राजस्थान में ओबीसी आरक्षण के वर्गीकरण एवं यूजीसी बिल लागू करने की मांग को लेकर हनुमानगढ़ जिला मुख्यालय पर आगामी दिनों में धरना-प्रदर्शन आंदोलन आयोजित करने की तैयारी शुरू हो गई है। इस संबंध में 12 फरवरी को हनुमानगढ़ टाउन क्षेत्र में नेशनल जनमंडल पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष दौलतराम पेंसिया के दौरे के दौरान एक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मूल ओबीसी युवा नेता सुरेंद्र मारवाल ने की। बैठक को संबोधित करते हुए पेंसिया ने कहा कि 19 अक्टूबर 1999 से अब तक राजस्थान में ओबीसी आरक्षण का समुचित वर्गीकरण लागू नहीं किया गया है। उनका आरोप था कि सरकारी नौकरियों में आरक्षण का अधिकांश लाभ कुछ साधन-संपन्न जातियों को ही मिल रहा है, जबकि मूल ओबीसी की लगभग 45 प्रतिशत जातियों के लाखों शिक्षित युवक-युवतियां बेरोजगारी के कारण ओवरएज हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जुलाई 2001 में ओबीसी आयोग द्वारा दी गई वर्गीकरण संबंधी रिपोर्ट तथा अगस्त 2015 में राजस्थान उच्च न्यायालय के निर्णय को भी आज तक प्रभावी रूप से लागू नहीं किया गया। पेंसिया ने कांग्रेस और भाजपा सरकारों पर आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले 27 वर्षों में तीन बार कांग्रेस और तीन बार भाजपा की सरकारें बनीं, लेकिन मूल ओबीसी के हित में ठोस कदम नहीं उठाए गए। उन्होंने कहा कि यदि अब भी मूल ओबीसी समाज पारंपरिक दलों से वर्गीकरण की उम्मीद रखता है तो यह भूल होगी। इसी उद्देश्य से नेशनल जनमंडल पार्टी का गठन किया गया है, जो राजस्थान में ओबीसी आरक्षण का जनसंख्या आधारित बंटवारा तथा रोहिणी आयोग की रिपोर्ट लागू करवाने के लिए संघर्ष करेगी। उन्होंने घोषणा की कि पार्टी के नेतृत्व में जिला एवं तहसील मुख्यालयों पर चरणबद्ध धरना-प्रदर्शन और आंदोलन किए जाएंगे। हनुमानगढ़ में प्रस्तावित आंदोलन को लेकर विचार-विमर्श किया गया और स्थानीय साथियों ने सहमति जताई। बैठक में अमर सिंह घोड़ेला, राजेंद्र कुमार सिंहमार, कृष्ण कुमार गेदर, विनोद कुमार तेनगरिया, सोहनलाल हरिखिया, करनैल सिंह बाजीगर, कमलेश रेगर, राकेश नायक, अनिल भोभरीया सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने एकजुट होकर आंदोलन को सफल बनाने का संकल्प लिया।
