– बार संघ ने आंदोलन समाप्त करने की घोषणा, 7 सितम्बर से नियमित रूप से न्यायिक कार्य करेंगे अधिवक्ता
हनुमानगढ़। राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर ने पूर्व में जारी पत्रांक के तहत लक्षित मामलों के निस्तारण के लिए लागू की गई कार्ययोजना ‘फेज-6’ को वापस ले लिया है। उच्च न्यायालय ने इस संबंध में 2 सितम्बर को पत्र जारी किया, जिसकी सूचना सभी न्यायिक अदालतों को भेज दी गई है। बार संघ हनुमानगढ़ ने इसे जिले के अधिवक्ताओं के संघर्ष, एकजुटता और सामूहिक प्रयासों की शानदार जीत बताया है। बार संघ अध्यक्ष रोहित सिंह खिच्ची ने कहा कि अधिवक्ताओं ने अपने सम्मान, स्वतंत्र एवं प्रभावी पैरवी तथा न्याय की गुणवत्ता के लिए एकजुट होकर आवाज उठाई, जिसका सकारात्मक परिणाम सामने आया है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय बार संघ के सभी अधिवक्ताओं को दिया। अध्यक्ष ने कहा कि संघर्ष अधिवक्ताओं का अधिकार, एकता उनकी ताकत और न्याय उनकी मंजिल है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए संगठन और एकता की शक्ति सदैव कायम रहनी चाहिए। बार संघ की ओर से जारी सूचना में बताया गया कि 31 अगस्त से कार्य स्थगन के कारण अधिवक्ता गुरुवार को अदालतों में शीघ्र पैरवी की तैयारी के साथ उपस्थित नहीं हो सके। इसके अलावा 4 सितम्बर को जन्माष्टमी के अवसर पर तथा 5 सितम्बर को सैशन न्यायाधीश के आदेशानुसार अवकाश रहेगा। इन परिस्थितियों को देखते हुए बार एसोसिएशन ने हड़ताल वापस लेते हुए आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की है। सभी अधिवक्ताओं को निर्देशित किया गया है कि वे 7 सितम्बर से न्यायालयों में विधिवत रूप से कार्य करेंगे। बार संघ अध्यक्ष रोहित सिंह खिच्ची ने सभी अधिवक्ताओं से संगठन की एकता बनाए रखने और अधिवक्ताओं के हितों के लिए इसी प्रकार एकजुट रहने का आह्वान किया।
