संगरिया। उपखंड में आगामी जनगणना को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के उद्देश्य से राजस्व कार्मिकों को स्व जनगणना के लिए प्रशिक्षण प्रदान किया गया। उपखंड जनगणना अधिकारी एवं उपखंड अधिकारी जय कौशिक ने प्रशिक्षण सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि स्वतंत्र भारत की यह 8वीं जनगणना कई मायनों में विशेष है, क्योंकि पहली बार इसे डिजिटल प्रारूप में आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जनगणना से प्राप्त आंकड़े देश की विकास योजनाओं के निर्माण, संसाधनों के वितरण और नीतिगत निर्णयों में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने आगे कहा कि इस बार स्व जनगणना की व्यवस्था लागू की गई है, जिसके तहत प्रत्येक नागरिक को स्वयं अपनी जानकारी दर्ज करने का अधिकार दिया गया है। यह पहल नागरिकों को सशक्त बनाने के साथ-साथ प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सटीक बनाएगी। उन्होंने आमजन से आह्वान किया कि वे स्व जनगणना में सक्रिय भागीदारी निभाकर राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दें। जनगणना अधिकारी एवं तहसीलदार मोनिका बंसल ने प्रशिक्षण के दौरान बताया कि जनगणना के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण का कार्य किया जाएगा। इस चरण में 34 बिंदुओं वाली प्रश्नावली के माध्यम से मकानों एवं परिवारों से संबंधित सामान्य जानकारी एकत्रित की जाएगी। उन्होंने पटवारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को जनगणना के प्रति जागरूक करें और उन्हें स्व जनगणना प्रक्रिया समझाने में सक्रिय भूमिका निभाएं। प्रशिक्षण सत्र में फील्ड ट्रेनर नरेश सोनी ने स्व जनगणना की प्रक्रिया को सरल एवं व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार नागरिक मोबाइल या अन्य डिजिटल माध्यमों से आसानी से अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। इस अवसर पर नायब तहसीलदार, तहसील एवं उपखंड कार्यालय का स्टाफ, पटवारी तथा भू-अभिलेख निरीक्षक उपस्थित रहे। इससे पूर्व पंचायत समिति के वीसी कक्ष में सहायक कृषि अधिकारी मोहन सिंह मान की अध्यक्षता में सहायक कृषि अधिकारियों एवं कृषि पर्यवेक्षकों को भी स्व जनगणना के लिए प्रशिक्षण दिया गया। प्रशासन द्वारा आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जनगणना कार्य को सुचारू, सटीक और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
