हनुमानगढ़। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के प्रदेश प्रभारी, पूर्व मंत्री एवं जैतारण विधायक दिलीप चौधरी ने दावा किया है कि रालोपा पूरे प्रदेश में तीसरे मजबूत विकल्प के रूप में तेजी से उभर रही है। उन्होंने कहा कि पिछले 70-75 वर्षांे से प्रदेश में सत्ता का खेल कांग्रेस और भाजपा के बीच अदला-बदली तक सीमित रहा है, जिससे जनता में दोनों दलों के प्रति नाराजगी बढ़ी है। शनिवार को हनुमानगढ़ विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर आए चौधरी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि आम जनता के सामने लंबे समय तक कोई सशक्त तीसरा विकल्प नहीं था, इसलिए मतदाता कभी भाजपा तो कभी कांग्रेस को वोट देते रहे। लेकिन पिछले एक दशक में रालोपा ने प्रदेशभर में अपनी मजबूत पहचान बनाई है और 36 कौम का आम आवाम पार्टी को नए विकल्प के रूप में देख रहा है।

उन्होंने बताया कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हनुमान बेनीवाल के निर्देश पर सीमावर्ती जिलों हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर में संगठन को गांव-ढाणी स्तर तक मजबूत किया जा रहा है। जिलों में पार्टी की स्थिति का जायजा लेकर संगठन विस्तार का अभियान चलाया जा रहा है। पंचायत राज चुनावों के मुद्दे पर चौधरी ने कहा कि हाईकोर्ट ने 15 दिसंबर तक चुनाव कराने के निर्देश दिए हैं, लेकिन राज्य सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चुनाव टालना चाहती है। उन्होंने ऐलान किया कि इस बार रालोपा पंचायत राज और नगर निगम चुनाव अकेले दम पर लड़ेगी और गांव की सरकार में बड़ी भागीदारी सुनिश्चित करेगी।

चौधरी ने रालोपा को धर्मनिरपेक्ष पार्टी बताते हुए कहा कि पार्टी सभी जाति-बिरादरी और समुदायों को साथ लेकर चलने में विश्वास रखती है। प्रदेश में किसी भी व्यक्ति पर अन्याय होने पर पार्टी नेता पीड़ितों के साथ खड़े रहते हैं। दोनों जिलों में किसानों के हक के लिए भी पार्टी लड़ाई लड़ेगी। उन्होंने दावा किया कि आजादी के बाद रालोपा पहली ऐसी पार्टी है जिसने प्रदेश के सात करोड़ लोगों के बीच अपनी अलग पहचान और विश्वास कायम किया है। वर्ष 2028 का विधानसभा चुनाव पार्टी के लिए बड़ी चुनौती है, जिसे पूरी ताकत और दमखम के साथ लड़ा जाएगा। इस मौके पर पूर्व प्रदेश मंत्री विजयपाल बेनीवाल, बीकानेर के पूर्व जिलाध्यक्ष दानाराम, जिला प्रभारी संजीव झोरड़, पूर्व जिलाध्यक्ष विजय बेनीवाल, प्रदेश कार्यकरणी सदस्य प्रभु प्रचार, रामनिवास बेनीवाल, रमेश भादू, केवल काकड़, गुरबख्श ढिल्लों व अन्य नेता मौजूद थे।
