हनुमानगढ़। मनमोहन सोनी को जिला कांग्रेस कमेटी के अन्य पिछड़ा वर्ग के अध्यक्ष पद का जिम्मा दोबारा सौंपा गया है। मनमोहन सोनी को संगठन में दोबारा उसी पद पर बड़ी जिम्मेदारी मिलने से हनुमानगढ़ के कार्यकर्ताओं ने प्रसन्नता जताई। इस उपलक्ष्य में सोमवार को जंक्शन स्थित सर्किट हाउस में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में ओबीसी विभाग के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष मनमोहन सोनी के साथ जिला कांग्रेस कमेटी के नवनियुक्त अध्यक्ष मनीष मक्कासर, ओबीसी विभाग के स्टेट कोऑर्डिनेटर गुरदीप चहल और सुरेन्द्र मारवाल को राजस्थानी साफा पहनाकर सम्मानित किया गया।

इस मौके पर डीसीसी अध्यक्ष मनीष मक्कासर ने कहा कि पार्टी के कुछ पुराने स्तम्भ किसी व्यक्ति विशेष या नेता से नाराजगी के चलते घरों में बैठ गए। लेकिन उन्होंने जिलाध्यक्ष बनने के दिन से ही यह तय कर लिया था कि हनुमानगढ़ तहसील में ही नहीं पूरे जिले में कांग्रेस के उन पुराने कार्यकर्ताओं को वापस पार्टी से जोड़ा जाएगा। पार्टी से जुड़े कार्यकर्ताओं का भी फर्ज बनता है कि वे ऐसे कार्यकर्ताओं को चिह्नित करें और जानकारी दें। वे खुद ऐसे कार्यकर्ताओं को जाकर मनाएंगे। जरूरत पड़ी तो उनके पैर तक पकड़ेंगे। इसके पीछे उनका मकसद कांग्रेस पार्टी को एकजुट करना है। मनीष मक्कासर ने कहा कि पिछले विधानसभा चुनावों में जिले में कांग्रेस पार्टी का अच्छा प्रदर्शन रहा। पांच में से तीन सीटें कांग्रेस की झोली में आईं। विजयी रहे चौथे प्रत्याशी भी कांग्रेस समर्थित थे। लेकिन ऐसे कांग्रेस कार्यकर्ता जो उस प्रत्याशी से जुड़े थे, उसे कांग्रेस का मानकर भूलवश वोट दे दिया। इस वजह से कांग्रेस पार्टी प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ा। वर्तमान में कांग्रेस पांचों विधानसभा क्षेत्रों में मजबूत स्थिति में है। ऐसे समय में एक नेता या व्यक्ति विशेष के भरोसे पार्टी को छोड़ देंगे तो पार नहीं पड़ने वाली। कांग्रेस पार्टी हर उस कार्यकर्ता की है जो इससे जुड़ा हुआ है। अगर कोई परिवार कांग्रेस से रूष्ट है तो उसे मनाने के कार्य में सहयोग दें।

ओबीसी प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष मनमोहन सोनी ने कहा कि जिले में पार्टी को नया नेतृत्व मिला है। यह पार्टी का अच्छा फैसला है। क्योंकि पार्टी के बीच रहने वाले कार्यकर्ता को मौका दिया गया है। अब हम सब का भी कर्तव्य बनता है कि पार्टी के सभी संगठन मिलकर पार्टी को मजबूत करने का काम करें। चुनाव लड़ने के इच्छुक कार्यकर्ता वार्ड में तैयारी रखें। पार्टी जिसे टिकट दे उसके साथ ईमानदारी से लगकर प्रत्याशी को जीताने का प्रयास करें। अगर पार्टी का प्रत्याशी जीतेगा तो कांग्रेस का वोट बढ़ेगा और काम होंगे।

ओबीसी विभाग के स्टेट कोऑर्डिनेटर गुरदीप सिंह चहल ने कहा कि राजनीति करते समय यह बात निकलकर आई कि पहले संघर्ष और फिर लोगों से सम्पर्क किया जाए। जब संघर्ष और सम्पर्क पूरा हो जाता है तब नेतृत्व करने की क्षमता विकसित होती है। उन्होंने कहा कि राजनीति विवाद से रहित हो।
