हनुमानगढ़। एफसीआई, अनाज मण्डी व राज सीड्स मजदूर यूनियन सीटू के बैनर तले गुरुवार को सीटू कार्यालय से टाउन थाना तक रोष मार्च निकाला गया। मजदूरों ने हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर शांतिपूर्ण तरीके से मार्च करते हुए मजदूरों पर हो रहे कथित दमन के खिलाफ आवाज बुलंद की। मार्च के बाद टाउन थाना के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया गया और सीटू जिलाध्यक्ष आत्मा सिंह व बहादुर सिंह चौहान के नेतृत्व में राज्यपाल के नाम पुलिस अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान सीटू जिलाध्यक्ष आत्मा सिंह ने कहा कि देश के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों विशेषकर नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र सहित कई राज्यों में मजदूर अपने अधिकारों के लिए लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। 9 अप्रैल से शुरू हुए आंदोलनों ने अब व्यापक रूप ले लिया है, जिसमें हजारों श्रमिक शामिल हैं। यह आंदोलन वेतन असमानता, ठेका प्रथा, असुरक्षित कार्य परिस्थितियों और बढ़ती महंगाई के खिलाफ है। बहादुर सिंह चौहान ने आरोप लगाया कि मजदूरों की जायज मांगों के समाधान के बजाय संबंधित सरकारें दमनात्मक रवैया अपना रही हैं। कई जगहों पर मजदूरों को गिरफ्तार किया गया, उनके घरों पर दबाव बनाया जा रहा है और महिला श्रमिकों के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएं भी सामने आई हैं। यह लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में मजदूर वर्ग आर्थिक संकट से जूझ रहा है। महंगाई और आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों ने जीवन यापन मुश्किल कर दिया है, जबकि अधिकांश मजदूर कम वेतन पर लंबे समय तक काम करने को मजबूर हैं। ठेका श्रमिकों की स्थिति और भी दयनीय बताई गई। यूनियन ने राज्यपाल से मांग की कि गिरफ्तार मजदूरों की रिहाई, झूठे मुकदमों की वापसी, न्यूनतम मजदूरी 26 हजार रुपए करने, 8 घंटे कार्यदिवस लागू करने, ईएसआई-पीएफ जैसी सुविधाएं देने तथा ठेका प्रथा समाप्त कर नियमितीकरण सुनिश्चित किया जाए। इस मौके पर बसंत सिंह, हरजी वर्मा, श्रीचंद, रामबाबू, मिथलेश सिंह, जगदीश यादव, संदीप बसौड़, शोपत राम, अरविन्द सिंह मुंशी, ललन सिंह व अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे।
