हनुमानगढ़। अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र बनाने पर लगी रोक हटाने की मांग को लेकर धाणका/धानका समाज का आंदोलन तेज होता जा रहा है। समाज के आह्वान पर गुरुवार को लगातार दूसरे दिन भी हनुमानगढ़ जिले की धानमंडियों में हड़ताल रही, जिससे मंडियों का कामकाज पूरी तरह प्रभावित हुआ। हनुमानगढ़ टाउन धानमंडी में तोला मजदूरों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए बेमियादी धरना जारी रखा। इस दौरान बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे और अपनी मांगों को लेकर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। पूर्व पार्षद सेवाराम नागर ने आरोप लगाया कि धाणका समाज के अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र सरकार किसी दबाव में आकर जारी नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि समाज का धरना पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा है, लेकिन यदि मांगें पूरी नहीं की गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। वहीं तोला यूनियन अध्यक्ष चिरंजीलाल धाणका ने बताया कि समाज का धरना अब 250 दिनों से जारी है। उन्होंने कहा कि प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर जिलों की धानमंडियों को बंद करने का निर्णय लिया गया है, जिसके चलते दोनों जिलों में हड़ताल चल रही है। उन्होंने कहा कि समाज की एकमात्र मांग है कि अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र जारी करने पर लगी रोक को हटाया जाए। जाति प्रमाण पत्र नहीं बनने के कारण समाज के बच्चों को शिक्षा और रोजगार के अवसरों में नुकसान उठाना पड़ रहा है। चिरंजीलाल धाणका ने आरोप लगाया कि अन्य समाजों के प्रमाण पत्र कुछ घंटों में बन जाते हैं, लेकिन धाणका समाज के मामलों में अनावश्यक देरी की जा रही है। उन्होंने कहा कि किसी स्पष्ट कानूनी प्रावधान के बिना ही मौखिक रूप से रोक लगाकर समाज के अधिकारों का हनन किया जा रहा है। समाज के लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
