संगरिया। नशे की एक छोटी सी शुरुआत कैसे जिंदगी को अंधेरे में धकेल सकती है और दृढ़ इच्छाशक्ति से उससे बाहर निकलकर नई शुरुआत कैसे की जा सकती है, इसका भावुक और प्रेरणादायक दृश्य रविवार को संगरिया स्थित एस.के.एम. स्कूल में देखने को मिला। अवसर था एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एनटीएफ) के ‘लक्ष्मण रेखा अभियान’ के तहत आयोजित नशा मुक्ति जागरूकता शिविर का। यह विशेष शिविर एनटीएफ के एडीजी दिनेश एमएन और आईजीपी विकास कुमार के निर्देशन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का संचालन एनटीएफ हनुमानगढ़ (चौकी मालारामपुरा) प्रभारी एवं पुलिस निरीक्षक किरनजीत कौर के नेतृत्व में किया गया। सुबह कार्यक्रम की शुरुआत गायत्री मंत्र और दीप प्रज्ज्वलन से हुई। स्कूल के विद्यार्थियों ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया और पूरे माहौल को सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया।

‘मुक्तिवीरों’ ने सुनाई संघर्ष से जीत तक की कहानी
शिविर का सबसे भावुक क्षण तब आया जब कभी नशे की गिरफ्त में रह चुके ‘मुक्तिवीर’ मंच पर पहुंचे। उन्होंने अपनी दर्दभरी आपबीती साझा करते हुए बताया कि नशे ने कैसे उनके परिवार, रिश्ते और सामाजिक जीवन को बर्बाद कर दिया। उन्होंने कहा कि नशा छोड़ने के बाद ही उन्हें दोबारा परिवार का प्यार और समाज में सम्मान मिला। उनकी बातें सुनकर कई अभिभावक और युवा भावुक हो उठे।
विशेषज्ञों ने युवाओं को किया जागरूक
मनोचिकित्सक डॉ. सामयानी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि नशे की शुरुआत अक्सर दोस्तों के बीच शौक या दिखावे से होती है, जो धीरे-धीरे आदत और फिर लत में बदल जाती है। उन्होंने वैज्ञानिक और मानसिक पहलुओं को सरल तरीके से समझाते हुए युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील की। वहीं छात्रा गौरवी ने अपने प्रेरणादायक संबोधन से युवाओं को नशे के खिलाफ जागरूक होकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का संदेश दिया।

बच्चों की प्रस्तुतियों ने दिया मजबूत संदेश
स्कूल के छोटे बच्चों ने नाटक, नृत्य और कविताओं के माध्यम से नशे के दुष्प्रभावों को मंच पर जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। उनकी प्रस्तुतियों ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि नशा केवल व्यक्ति नहीं, बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है।
तीन माह में एनटीएफ की बड़ी कार्रवाई
एनटीएफ चौकी मालारामपुरा प्रभारी किरनजीत कौर ने बताया कि चौकी गठन के महज तीन महीनों में 14 कार्रवाई करते हुए करीब 51 लाख रुपये के अवैध मादक पदार्थ जब्त किए जा चुके हैं। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित समाजसेवियों, स्वयंसेवकों, विद्यार्थियों, अभिभावकों और संस्थाओं का आभार व्यक्त किया। एसकेएम स्कूल के प्रधानाचार्य आस मोहम्मद ने इस महत्वपूर्ण पहल के लिए पुलिस प्रशासन की सराहना की। मंच संचालन योगेश भोबिया ने किया।

समाज के हर वर्ग की रही भागीदारी
इस अभियान में विभिन्न सामाजिक संगठनों, शिक्षाविदों, समाजसेवियों और गणमान्य नागरिकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम के समापन पर एनटीएफ थाना प्रभारी किरनजीत कौर ने सभी उपस्थित लोगों को नशा न करने और समाज को नशामुक्त बनाने की शपथ दिलाई। यह आयोजन केवल एक जागरूकता शिविर नहीं, बल्कि समाज को नशे के खिलाफ एकजुट करने की मजबूत पहल बनकर उभरा।
