संगरिया। राजकीय महाविद्यालय संगरिया, हनुमानगढ़ के मुख्य द्वार के पास रविवार से विद्या संबल सहायक आचार्य संघ राजस्थान के बैनर तले गैस्ट फैकल्टी सदस्यों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। धरने का उद्देश्य सरकार के शीर्ष नेतृत्व तक अपनी समस्याएं और मांगें पहुंचाना बताया गया। धरने पर बैठे विद्या संबल गैस्ट फैकल्टी सदस्यों ने सरकार से वर्तमान में जारी टीचिंग एसोसिएट भर्ती प्रक्रिया को निरस्त करने की मांग की। साथ ही पूर्व में आरवीआरएस व्याख्याताओं को दिए गए लाभों की तर्ज पर वर्तमान में राजस्थान के राजकीय महाविद्यालयों में कार्यरत विद्या संबल गैस्ट फैकल्टी को समायोजन, रोजगार गारंटी एवं सेवा सुनिश्चितता का लाभ देने की मांग रखी। धरना स्थल पर मौजूद गैस्ट फैकल्टी सदस्यों का कहना था कि टीचिंग एसोसिएट भर्ती प्रक्रिया यूजीसी के नियमों के अनुरूप नहीं है। उनका आरोप है कि राजस्थान के सरकारी कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती सामान्यतः आरपीएससी के माध्यम से की जाती है, जबकि यह भर्ती आरएसएसबी द्वारा करवाई जा रही है, जो कानूनी व्यवस्था के विपरीत है। प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि उच्च शिक्षा में “टीचिंग एसोसिएट” नाम से देशभर में कोई मान्यता प्राप्त पदनाम नहीं है, फिर भी इस भर्ती प्रक्रिया से पिछले पांच वर्षों से कार्यरत विद्या संबल गैस्ट फैकल्टी के रोजगार पर संकट खड़ा हो गया है, जो न्यायसंगत नहीं है। धरने का नेतृत्व कर रहीं डॉ. शिल्पा अगीं ने बताया कि वर्ष 2021 में कोरोना काल के दौरान उच्च शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने के उद्देश्य से विद्या संबल योजना शुरू की गई थी। इस योजना के माध्यम से शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को नियमित शिक्षण सुविधा मिली तथा सरकारी कॉलेजों में प्रवेश संख्या में भी वृद्धि हुई, विशेषकर छात्राओं को शिक्षा के बेहतर अवसर मिले। उन्होंने कहा कि धरना जारी रहेगा, लेकिन महाविद्यालय के आवश्यक कार्यों और विद्यार्थियों की नियमित कक्षाओं को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। हमारा उद्देश्य केवल अपनी बात सरकार तक पहुंचाना है। इस दौरान डॉ. कंचन शर्मा, डॉ. हवा सिंह ढाका, डॉ. पवन न्यौल, डॉ. हीना शर्मा सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
