हनुमानगढ़। जिले में लेबर सेस वसूली की रफ्तार सुस्त बनी हुई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 15 करोड़ रुपए के लक्ष्य के मुकाबले अब तक महज 9 करोड़ रुपए ही वसूले जा सके हैं, जिससे हनुमानगढ़ जिला लक्ष्य से काफी पीछे चल रहा है। इसी को लेकर मुख्यालय स्तर से हर माह समीक्षा की जा रही है और वसूली बढ़ाने के लिए लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं। श्रम कल्याण विभाग की ओर से प्रयास तेज किए जा रहे हैं, लेकिन मार्च माह में भी स्थिति संतोषजनक नहीं रही। 4086 में से केवल 70 से अधिक लोगों ने ही उपकर जमा करवाया है। ऐसे में अब विभाग सख्त रुख अपनाने की तैयारी में है। अधिकारियों के अनुसार 31 मार्च के बाद उपकर जमा नहीं करवाने वालों के खिलाफ श्रम निरीक्षक की सर्वे रिपोर्ट के आधार पर एकतरफा उपकर निर्धारण किया जाएगा।

इसके बाद भी राशि जमा नहीं होने पर कुर्की की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जिला श्रम कल्याण अधिकारी देवेन्द्र मोदी ने बताया कि रेरा में पंजीकृत 130 संस्थानों को भी नोटिस जारी किए गए थे, जिनमें से 32 ने राशि जमा करवा दी है, जबकि करीब 100 संस्थान ऐसे हैं जिनका एसेसमेंट हो चुका है, लेकिन भुगतान लंबित है। इन सभी पर 31 मार्च के बाद शत-प्रतिशत पेनल्टी लगाने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि विभाग के पास 3600 पुराने लंबित प्रकरण भी हैं, जिनके निस्तारण के लिए हर माह करीब 100 केस निपटाए जा रहे हैं। विभाग का लक्ष्य है कि अप्रैल, मई व जून तक सभी लंबित मामलों का समाधान कर दिया जाए। उन्होंने अपील की है कि जिन संस्थानों या व्यक्तियों को लेबर सेस का नोटिस मिला है, वे समय रहते जवाब प्रस्तुत कर राशि जमा करवाएं। अन्यथा एकतरफा निर्धारण के बाद अपील के लिए जयपुर मुख्यालय जाना पड़ेगा और स्थानीय स्तर पर राहत संभव नहीं होगी।
