– सभापति की कुर्सी के लिए चार प्रत्याशियों ने एसडीएम के समक्ष दाखिल किए कुल छह नामांकन पत्र, नगर परिषद कार्यालय में समर्थकों की मौजूदगी में दिखी गहमागहमी
हनुमानगढ़। नगर परिषद हनुमानगढ़ के सभापति पद को लेकर बुधवार को चुनावी तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई। सभापति की कुर्सी के लिए विधायक गणेश राज बंसल खेमे ने पूर्व सभापति सुमित रणवां की पत्नी मंजू रणवां और पुत्रवधू तन्वी बेनीवाल पर भरोसा जताया है जबकि भाजपा ने विनिता बतरा तो कांग्रेस ने पूर्व उपसभापति अनिल खीचड़ की पत्नी सुशीला खीचड़ पर दांव खेला है। मंजू रणवां ने वार्ड नंबर 13 से जबकि सुशीला खीचड़ ने वार्ड नंबर 32 से विजय हासिल की है। दोनों ही नगर परिषद के निवर्तमान बोर्ड में भी पार्षद रह चुकी हैं। विनिता वार्ड नंबर 42 से जीतकर पहली बार पार्षद बनी हैं। चारों दावेदारों के मैदान में उतरने के साथ नगर परिषद की कुर्सी को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। नामांकन प्रक्रिया टाउन स्थित नगर परिषद कार्यालय में हुई। निर्धारित समय अपराह्न 3 बजे तक प्रत्याशियों ने एसडीएम एवं निर्वाचन अधिकारी रवि कुमार के समक्ष नामांकन पत्र प्रस्तुत किए।

सभापति पद के लिए कुल चार प्रत्याशियों ने छह नामांकन दाखिल किए। इनमें टीम गणेश राज बंसल की तरफ से मंजू रणवां ने निर्दलीय, विनिता बतरा ने भाजपा और निर्दलीय, सुशीला खीचड़ ने कांग्रेस और निर्दलीय जबकि तन्वी बेनीवाल ने निर्दलीय के रूप में नामांकन दाखिल किया। नामांकन के दौरान नगर परिषद परिसर में दिनभर गहमागहमी रही और प्रत्याशियों के साथ समर्थकों की आवाजाही बनी रही। सभापति पद के लिए सबसे पहले दोपहर करीब 12 बजे निर्दलीय विधायक गणेश राज बंसल खेमे की ओर से मंजू रणवां ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल किया। मंजू रणवां नगर परिषद कार्यालय में वार्ड नंबर 1 से निर्वाचित निर्दलीय पार्षद मनजिन्द्र सिंह लेघा, नरेन्द्र खिलेरी और भारत भूषण कौशिक के साथ पहुंचीं और एसडीएम रवि कुमार को नामांकन पत्र सौंपा। नामांकन के बाद मंजू रणवां ने सभापति पद के लिए उन पर भरोसा जताने के लिए विधायक गणेश राज बंसल और टीम गणेश राज बंसल के पार्षदों का आभार जताया। टीम गणेश राज बंसल के निर्दलीय पार्षद मनजिन्द्र सिंह लेघा ने कहा कि विधायक गणेश राज बंसल के पूर्व सभापति कार्यकाल में शहर में विकास कार्य हुए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि टीम की ओर से उम्मीदवार मंजू रणवां सभापति चुनी जाएंगी और शहर के विकास को आगे बढ़ाया जाएगा।
कांग्रेस और भाजपा ने अंतिम समय में खोले पत्ते
विधायक खेमे के बाद कांग्रेस और भाजपा ने अपने उम्मीदवारों के नामांकन दाखिल किए। कांग्रेस ने वार्ड नंबर 32 से निर्वाचित सुशीला खीचड़ पर दांव लगाया है। सुशीला पूर्व उपसभापति अनिल खीचड़ की पत्नी हैं और नगर परिषद के निवर्तमान बोर्ड में भी पार्षद रह चुकी हैं। वहीं भाजपा ने वार्ड नंबर 42 से निर्वाचित विनिता बतरा को मैदान में उतारा है। विनिता पहली बार पार्षद निर्वाचित हुई हैं।

कांग्रेस प्रत्याशी ने दोपहर करीब 2.30 बजे जबकि भाजपा प्रत्याशी ने उसके बाद नामांकन दाखिल किया। इसी दौरान टीम गणेश राज बंसल की तरफ से तन्वी बेनीवाल ने भी निर्दलीय के रूप में नामांकन दाखिल किया। चारों उम्मीदवारों के नामांकन दाखिल होने के साथ ही सभापति पद के लिए चुनावी मुकाबले की तस्वीर सामने आ गई है। हालांकि 17 सितंबर को नामांकन पत्रों की संवीक्षा और 18 सितंबर को नाम वापसी के बाद अंतिम उम्मीदवारों की स्थिति स्पष्ट होगी।
21 सितंबर को होगा फैसला
नगर परिषद के 60 वार्डांे के परिणाम 14 सितंबर को घोषित होने के बाद सभापति पद के निर्वाचन की प्रक्रिया शुरू हुई है। नामांकन की संवीक्षा 17 सितंबर को होगी और उम्मीदवार 18 सितंबर को अपराह्न 3 बजे तक नाम वापस ले सकेंगे। यदि एक से अधिक उम्मीदवार चुनाव मैदान में रहते हैं तो 21 सितंबर को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक निर्वाचित पार्षदों की बैठक में मतदान होगा। सभापति का चुनाव नगर परिषद के निर्वाचित पार्षद ही करेंगे। अब निगाहें नामांकन जांच, नाम वापसी और इसके बाद बनने वाले अंतिम चुनावी समीकरणों पर टिकी हैं।
