हनुमानगढ़। समाज सेवा और मानवीय संवेदनाओं को सशक्त रूप देने की दिशा में एपेक्स महिला क्लब द्वारा एक सराहनीय पहल करते हुए गुरुवार को जंक्शन स्थित अबोहर बाइपास पर सेवा विकलांग आश्रम में होली स्नेह मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के साथ होली के पर्व की खुशियां साझा करना, उनके साथ अपनत्व और प्रेम का भाव प्रकट करना तथा सामाजिक समरसता का संदेश देना रहा। कार्यक्रम की शुरुआत आश्रम के गोविंद द्वारा प्रस्तुत मनमोहक भजनों से हुई, जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय और उत्साहपूर्ण बना दिया। भजनों की मधुर धुनों पर बच्चे झूम उठे और कार्यक्रम स्थल पर आनंद, उल्लास व रंगों की छटा बिखर गई। इसके बाद क्लब की पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने बच्चों के साथ समय बिताया, उन्हें गुलाल लगाया और स्नेहपूर्वक होली मनाई। इस अवसर पर क्लब अध्यक्ष सुषमा बैद, सचिव पूजा जैन, पूर्व अध्यक्ष रेणु सोंधी, साक्षी जैन सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे। साथ ही एपेक्स क्लब के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेन्द्र बैद की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी विशेष बना दिया। सभी ने बच्चों से आत्मीय संवाद किया, उनके साथ खेल-कूद किया और उनकी खुशियों में सहभागी बने। बच्चों के चेहरों पर झलकती मुस्कान और उत्साह ने उपस्थित सभी लोगों का मन मोह लिया। होली स्नेह मिलन के दौरान बच्चों को खाद्य सामग्री, मिठाइयां एवं गुलाल भेंट किए गए। इन उपहारों को पाकर बच्चों में विशेष उत्साह देखने को मिला। आश्रम परिसर रंगों और खुशियों से सराबोर हो गया। यह आयोजन न केवल एक उत्सव था, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का सशक्त उदाहरण भी रहा। आश्रम के संस्थापक हेमंत गोयल ने क्लब सदस्यों को संस्थान की गतिविधियों, उद्देश्यों तथा विशेष बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आश्रम में बच्चों के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाने और उनमें सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। साथ ही उन्होंने एपेक्स महिला क्लब का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज के विभिन्न संगठनों का सहयोग आश्रम के लिए प्रेरणास्रोत है। कार्यक्रम के समापन पर क्लब अध्यक्ष सुषमा बैद ने कहा कि एपेक्स महिला क्लब समाज के कमजोर और विशेष वर्गों के लिए निरंतर कार्य करता रहा है और भविष्य में भी बच्चों के हित में ऐसे सामाजिक व सेवा कार्यों में सक्रिय सहयोग जारी रखेगा। उन्होंने आश्रम को हर संभव सहायता का आश्वासन भी दिया। कुल मिलाकर यह होली स्नेह मिलन कार्यक्रम सेवा, संवेदना और सामाजिक दायित्व का जीवंत उदाहरण बना, जिसने यह संदेश दिया कि सच्ची खुशी दूसरों के साथ खुशियां बांटने में ही निहित है।
