ऐलनाबाद। किसानों की आय बढ़ाने और वैकल्पिक खेती को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से उद्यान विभाग, हरियाणा द्वारा मशरूम उत्पादन से जुड़ी विभिन्न योजनाओं के तहत किसानों को अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार मशरूम उत्पादन, प्रसंस्करण और संरचना निर्माण के लिए अलग-अलग स्तर पर आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। उद्यान विभाग के अनुसार ट्रे आधारित मशरूम उत्पादन के लिए 300 रुपये प्रति ट्रे की इकाई लागत निर्धारित की गई है। इस पर सामान्य क्षेत्रों में किसानों को 75 से 85 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। इसके तहत सामान्य वर्ग के किसानों को प्रति ट्रे 225 रुपये तक की सहायता दी जाएगी, जिसकी अधिकतम सीमा 100 ट्रे निर्धारित की गई है। वहीं अनुसूचित वर्ग के किसानों को 255 रुपये प्रति ट्रे तक अनुदान दिया जाएगा। बटन मशरूम के अलावा अन्य किस्मों की मशरूम ट्रे पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा, जिसमें 300 रुपये की लागत पर 150 रुपये प्रति ट्रे की सहायता दी जाएगी। इसके अलावा सीजनल मशरूम की खेती के लिए कम लागत वाली फूस की झोपड़ी (30×15 फीट) के निर्माण पर भी अनुदान दिया जाएगा।

इस संरचना की इकाई लागत 30,000 रुपये तय की गई है, जिस पर सामान्य वर्ग के किसानों को 75 प्रतिशत यानी 22,500 रुपये तथा अनुसूचित वर्ग के किसानों को 85 प्रतिशत यानी 25,500 रुपये तक की सहायता प्रदान की जाएगी। मशरूम उत्पादन इकाई स्थापित करने के लिए 30 लाख रुपये की लागत पर 40 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान है। इस योजना के तहत किसानों को प्रति इकाई 12 लाख रुपये तक की सहायता मिलेगी, जो बैंक ऋण से जुड़ी होगी। इसी प्रकार मशरूम कंपोस्ट निर्माण इकाई (20 लाख रुपये लागत) पर 40 प्रतिशत अनुदान के रूप में 8 लाख रुपये तथा मशरूम खाद निर्माण इकाई (30 लाख रुपये लागत) पर 40 प्रतिशत अनुदान के तहत 12 लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी। छोटे किसानों को ध्यान में रखते हुए 200 वर्ग फुट की संरचना पर आधारित छोटी मशरूम इकाई के लिए भी विशेष योजना बनाई गई है। इस योजना के तहत 2 लाख रुपये प्रति इकाई लागत पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा, जिससे किसानों को प्रति इकाई 1 लाख रुपये की सहायता मिलेगी। एक लाभार्थी अधिकतम पांच इकाइयों तक इस योजना का लाभ ले सकता है। जिला उद्यान अधिकारी दीन मोहम्मद ने बताया कि उद्यान विभाग की ये योजनाएं उन किसानों के लिए विशेष रूप से लाभकारी हैं, जो कम जमीन और कम लागत में अधिक मुनाफा कमाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार मशरूम उत्पादन को एक लाभकारी व्यवसाय के रूप में विकसित करने के लिए लगातार प्रोत्साहन दे रही है और किसान इन योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी आय में बढ़ोतरी कर सकते हैं।
संवाददाता- रमेश भार्गव
