हनुमानगढ़। युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने और समाज को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) के एडीजी दिनेश एमएन और आईजीपी विकास कुमार के दिशा-निर्देशन में चल रहे ऑपरेशन लक्ष्मण रेखा अभियान के तहत शनिवार को जंक्शन स्थित आयुर्विज्ञान महाविद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, चिकित्सकों एवं आमजन ने हिस्सा लिया। इस दौरान नशे के दुष्प्रभावों, उसके सामाजिक, आर्थिक एवं पारिवारिक नुकसान तथा बचाव के उपायों पर चर्चा की गई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मालारामपुरा चौकी प्रभारी किरणजीत कौर ने कहा कि नशा व्यक्ति के जीवन को धीरे-धीरे खोखला कर देता है। नशे की लत का सबसे पहला और सबसे अधिक प्रभाव परिवार पर पड़ता है।

इससे घर की आर्थिक स्थिति बिगड़ती है, रिश्तों में दूरियां बढ़ती हैं और पारिवारिक माहौल तनावपूर्ण हो जाता है। नशे का आदी व्यक्ति अक्सर अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए चोरी और अन्य आपराधिक गतिविधियों की ओर बढ़ जाता है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने साथियों को भी इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें। किरणजीत कौर ने बताया कि एएनटीएफ की ओर से जिलेभर के स्कूलों, कॉलेजों और मेडिकल कॉलेजों में शिकायत पेटिकाएं स्थापित की जाएंगी, जिनके माध्यम से कोई भी व्यक्ति नशे की बिक्री, तस्करी या नशे में प्रयुक्त सामग्री के कारोबार की गोपनीय सूचना दे सकेगा। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और संबंधित मामलों में त्वरित कार्रवाई की जाएगी। कार्यक्रम में मौजूद मनोचिकित्सकों और विशेषज्ञ चिकित्सकों ने बताया कि नशा केवल शारीरिक स्वास्थ्य ही नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है।

मनोरंजन या जिज्ञासा के कारण शुरू हुआ नशा धीरे-धीरे लत में बदल जाता है, जिससे व्यक्ति की सोचने-समझने की क्षमता, निर्णय लेने की शक्ति और आत्मविश्वास कमजोर हो जाता है। विशेषज्ञों ने छात्र-छात्राओं को जीवन में बड़े लक्ष्य निर्धारित करने की प्रेरणा देते हुए कहा कि आईएएस, आईपीएस, आरएएस, डॉक्टर, इंजीनियर या वैज्ञानिक बनने का सपना देखने वाले युवाओं को नशे जैसी बुराइयों से पूरी तरह दूर रहना होगा। कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं को नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई गई। छात्र-छात्राओं ने संकल्प लिया कि वे स्वयं किसी भी प्रकार का नशा नहीं करेंगे और दूसरों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करेंगे।

अभियान के तहत छात्र-छात्राओं में जागरूकता बढ़ाने के लिए पोस्टर प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। इसमें छात्र-छात्राओं कार्तिक, पायल शर्मा, राहुल यादव और कनिका ने अपने पोस्टरों के माध्यम से नशे के दुष्प्रभावों और सामाजिक नुकसान को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।

उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रोत्साहित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण दर्पण कला मंच की ओर से प्रस्तुत नशे पर आधारित प्रभावशाली लघु नाटिका रही। कार्यक्रम के अंत में सभी नागरिकों ने नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. कीर्ति शेखावत, डॉ. सुनील बेनीवाल, डॉ. दीपक पारीक, डॉ. संयमी, मिताली अग्रवाल, अपारजोत बराड़, गुरुकरण सिंह, नरेश चड्ढा, सुनील, अतर सिंह, रविंद्र सिंह, प्रदीप शर्मा, अमरनाथ, योगेश मौजूद रहे।

