हनुमानगढ़। भारतीय जनता पार्टी के पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान के अंतर्गत दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर शनिवार से शुरू हो गया। यह शिविर श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय परिसर स्थित वाग्भट वैलनेस एवं आयुष रिसर्च सेंटर के सभागार में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें जिलेभर से भाजपा के मंडल स्तर तक के पदाधिकारी व कार्यकर्ता हिस्सा ले रहे हैं। शिविर के उद्घाटन सत्र में प्रदेश कोषाध्यक्ष पंकज, प्रदेश महामंत्री कैलाश मेघवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रमोद डेलू, विधायक संजीव बेनीवाल, पूर्व विधायक धर्मंेद्र मोची, गुरदीप शाहपीनी, विधानसभा क्षेत्र प्रत्याशी प्रियंका बैलान, पूर्व जिलाध्यक्ष काशीराम गोदारा, डॉ. भारतभूषण शर्मा, जुगल किशोर गौड़, पूर्व सभापति राजकुमार हिसारिया, भाजपा नेता अमित सहू व दमयंती बेनीवाल सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने शिरकत की। प्रशिक्षण शिविर के पहले दिन पार्टी की विचारधारा, संगठनात्मक कार्यशैली, केन्द्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं, सामाजिक समरसता और कार्यकर्ताओं के दायित्वों से जुड़े विषयों पर वरिष्ठ नेताओं ने मार्गदर्शन दिया। शिविर के माध्यम से कार्यकर्ताओं को आगामी संगठनात्मक गतिविधियों और चुनावी रणनीतियों के लिए भी तैयार किया जा रहा है। इस मौके पर प्रदेश कोषाध्यक्ष पंकज ने कहा कि डबल इंजन सरकार ने समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि आयुष्मान योजना और मां योजना के माध्यम से जरूरतमंद लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध करवाई जा रही है तथा राज्य सरकार परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा कवच प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा युवाओं को प्राथमिकता देने वाली पार्टी है और प्रदेश में युवाओं के रोजगार, सरकारी भर्तियों और कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। नीट पेपर लीक मामले पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि इसकी जड़ राजस्थान में नहीं है और संबंधित एजेंसियां इसकी जांच कर रही हैं। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण महाअभियान के तहत पहले मंडल स्तर पर प्रशिक्षण आयोजित किए गए थे, अब जिला स्तर पर शिविर हो रहे हैं और आगे प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर भी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित होंगे। भाजपा जिलाध्यक्ष प्रमोद डेलू ने बताया कि दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर का उद्देश्य पार्टी की रीति-नीति और सरकार की योजनाओं को कार्यकर्ताओं तक पहुंचाना है, ताकि वे इन्हें जन-जन तक ले जा सकें।
