हनुमानगढ़। गांव मक्कासर के पंचायत भवन में मजदूर-किसान नेता एवं पूर्व विधायक हेतराम बेनीवाल की स्मृति में शनिवार को श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस मौके पर मौजूद ग्रामीणों व नागरिकों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए और भावभीनी श्रद्धांजलि दी। सभा में वक्ताओं ने हेतराम बेनीवाल के संघर्षशील जीवन, किसान आंदोलनों में उनकी भूमिका और सादगीपूर्ण व्यक्तित्व को याद करते हुए उनके निधन को क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति बताया। ग्राम पंचायत प्रशासक बलदेव सिंह ने कहा कि हेतराम बेनीवाल मजदूर वर्ग के सच्चे मसीहा थे, जिन्होंने जीवनभर गरीब, किसान और श्रमिकों के हकों के लिए संघर्ष किया। विधायक पद पर रहते हुए भी उन्होंने कभी सरकारी सुविधाओं का लाभ नहीं लिया और विधायक कोटे का आवास तक स्वीकार नहीं किया, जिससे उनका जमीन से जुड़ाव साफ झलकता है। उन्होंने सादगी और ईमानदारी के साथ जनसेवा का जो उदाहरण पेश किया, वह आज भी प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि हेतराम बेनीवाल को केवल श्रीगंगानगर जिले में ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में किसान और मजदूर नेता के रूप में विशेष पहचान मिली। उन्होंने राजस्थान नहर जमीन आवंटन आंदोलन, घड़साना किसान आंदोलन, जेसीटी मिल मजदूर आंदोलन तथा भाखड़ा और गंगनहर से जुड़े अनेक किसान आंदोलनों का नेतृत्व करते हुए किसानों और मजदूरों के अधिकारों की आवाज बुलंद की। बहादुर सिंह चौहान ने कहा कि हेतराम बेनीवाल के आंदोलनों में इतनी ताकत होती थी कि प्रदेश की किसी भी सरकार को उनकी मांगों के आगे झुकना पड़ता था। वे जिस मुद्दे को लेकर आंदोलन करते थे, उसके समाधान की स्पष्ट दिशा भी उनके पास होती थी और वे उसे पूरा करवाने में सक्षम रहते थे। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित नागरिकों ने दिवंगत नेता के आदर्शांे पर चलने और उनके बताए मार्ग पर आगे बढ़ने का संकल्प लिया।
