हनुमानगढ़। डॉ. राजेंद्रदास देवाचार्य का बुधवार को जंक्शन स्थित गौशाला सेवा समिति परिसर में आगमन हुआ, जहां अध्यक्ष इन्द्र हिसारिया के नेतृत्व में श्रद्धालुओं ने उनका भव्य स्वागत किया। स्वामी जी के पहुंचते ही गौशाला परिसर भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने उन्हें फूल-मालाएं पहनाकर अभिनंदन किया तथा मार्ग में पुष्प बिछाकर अपनी आस्था प्रकट की। बड़ी संख्या में श्रद्धालु उनके दर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ स्वामी जी द्वारा गौमाता के पवित्र नाम—कामधेनु, कपिला, सुरभि, गौमती, नंदनी और सर्वसहा—के उच्चारण से हुआ। उन्होंने कहा कि गौमाता कलयुग में प्रकट देव स्वरूप हैं और भारतीय संस्कृति में उनका विशेष महत्व है।

उन्होंने श्रद्धालुओं को देसी गौमाता के दूध, घी एवं उससे निर्मित मिष्ठान के उपयोग के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि इससे न केवल शारीरिक स्वास्थ्य उत्तम रहता है, बल्कि आध्यात्मिक ऊर्जा की भी प्राप्ति होती है। गौशाला भ्रमण के दौरान स्वामी जी ने व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि गौशाला प्रांगण में सकारात्मकता का विशेष संचार है। यहां का वातावरण मन को शांति एवं सुकून प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि ऐसे पवित्र स्थलों पर आने से व्यक्ति को आत्मिक संतोष की अनुभूति होती है। गौशाला सेवा एवं प्रबंधन की उन्होंने भूरी-भूरी प्रशंसा की और इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया। अपने संबोधन में स्वामी जी ने सत्संग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जैसे मोबाइल फोन की बैटरी समय-समय पर डिस्चार्ज हो जाती है और उसे पुनः चार्ज करना पड़ता है, उसी प्रकार व्यस्त जीवनशैली में मनुष्य भी मानसिक रूप से थक जाता है। भटकाव और तनाव की स्थिति में उसे आध्यात्मिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है, जो सत्संग से प्राप्त होती है।

सत्संग मनुष्य को जीवन जीने की सही दिशा देता है तथा आंतरिक शक्ति का संचार करता है। उन्होंने कहा कि गौसेवा केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दायित्व भी है। गौशालाएं समाज में सेवा, संवेदना और सहअस्तित्व की भावना को सुदृढ़ करती हैं। अल्प समय में ही गौशाला परिसर में श्रद्धालुओं का तांता लग गया। गौशाला सेवा समिति अध्यक्ष इन्द्र हिसारिया ने स्वामी जी को माला पहनाकर एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर बीरबल जिंदल, गौपाल जिंदल, शिवभगवान ढुढाणी, मुनीश बत्तरा, बब्बी भठेवाला, लवली चावला, मुकेश महर्षि, सौरभ जिंदल, कानचंद गोयल, महावीर जांगिड़, सुभाष बंसल एवं राजेंद्र चौधरी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर श्रद्धालुओं ने स्वामी जी से आशीर्वाद प्राप्त किया और गौसेवा तथा सत्संग के मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। आयोजन ने क्षेत्र में आध्यात्मिक चेतना एवं सामाजिक एकता का संदेश दिया।
