हनुमानगढ़। जिले के अभिभावकों के लिए शनिवार को जंक्शन स्थित एक होटल में शैक्षिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। धारव हाई स्कूल, अजमेर रोड कैंपस, जयपुर की ओर से आयोजित संगोष्ठी में स्कूल की शैक्षणिक व्यवस्था, समग्र शिक्षा, एसटीईएम कार्यक्रम, वीकली बोर्डिंग मॉडल तथा कौशल आधारित सीखने की विभिन्न पहलों के बारे में अभिभावकों को जानकारी दी गई। स्कूल की लीडरशिप एवं एडमिशंस टीम ने अभिभावकों से संवाद करते हुए विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं व्यक्तिगत विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। संगोष्ठी में अटल टिंकरिंग लैब के माध्यम से विद्यार्थियों को व्यावहारिक एवं प्रयोग आधारित शिक्षा देने पर विशेष जोर दिया गया। रोबोटिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स, कोडिंग, एसटीईएम, 3-डी डिजाइन और प्रोटोटाइपिंग जैसी गतिविधियों के जरिए विद्यार्थियों में रचनात्मकता, नवाचार और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करने की जानकारी दी गई। स्कूल की चेयरपर्सन देवयानी जयपुरिया ने कहा कि विद्यार्थियों को केवल वर्तमान की जरूरतों के अनुरूप ही नहीं, बल्कि भविष्य की चुनौतियों के लिए भी तैयार करना जरूरी है। एसटीईएम शिक्षा बच्चों को प्रयोग करने, नए विचारों पर काम करने और वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान तलाशने के अवसर प्रदान करती है। डायरेक्टर डॉ. अदिति मिश्रा ने वीकली बोर्डिंग मॉडल की जानकारी देते हुए बताया कि इसमें अकादमिक शिक्षा के साथ खेल, फिटनेस और व्यक्तिगत विकास पर भी ध्यान दिया जाता है। इस मॉडल में विद्यार्थियों को सप्ताहांत में घर लौटने की सुविधा मिलती है, जिससे उनमें आत्मनिर्भरता विकसित होने के साथ परिवार से जुड़ाव भी बना रहता है। संगोष्ठी में खेल, एनसीसी, एनएसएस, नेतृत्व क्षमता, टीमवर्क और सामुदायिक गतिविधियों को विद्यार्थियों के समग्र विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया। अभिभावकों ने स्कूल की शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर सवाल किए, जिनका स्कूल की टीम ने जवाब दिया।
