सुल्तानपुर। उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में अखंडनगर थाने में तैनात क्राइम इंस्पेक्टर अरुण द्विवेदी रविवार शाम गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए। गोली उनके सीने को चीरते हुए कंधे में जाकर फंस गई। घटना के बाद उन्हें तत्काल लखनऊ स्थित पीजीआई अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। डॉक्टरों ने सोमवार को उनकी सर्जरी करने की तैयारी की है। पुलिस के अनुसार यह घटना रविवार शाम करीब 6 बजे अखंडनगर थाना परिसर में स्थित सरकारी आवास में हुई। इंस्पेक्टर अरुण द्विवेदी थाने के परिसर में बने सरकारी क्वार्टर में रहते हैं। घटना के समय वह अपने कमरे में अकेले थे और रोजमर्रा के सामान को व्यवस्थित कर रहे थे। जिले की पुलिस अधीक्षक (एसपी) चारू निगम ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह घटना हादसा प्रतीत हो रही है। एसपी के मुताबिक इंस्पेक्टर अरुण द्विवेदी शाम को तैयार हो रहे थे और उन्होंने अपनी 32 बोर की निजी लाइसेंसी रिवॉल्वर को तौलिये पर रख दिया था। इसी दौरान जब उन्होंने तौलिया उठाया तो रिवॉल्वर नीचे गिर गई और गिरते ही उससे गोली चल गई, जो सीधे उनके सीने में जा लगी। गोली लगने के बाद भी इंस्पेक्टर अरुण द्विवेदी ने हिम्मत नहीं हारी। बताया जा रहा है कि उन्होंने अपने घाव को हाथ से दबाकर खुद ही कमरे से बाहर निकलकर थाने के स्टाफ से मदद मांगी।

मौके पर मौजूद सिपाहियों और दरोगा कन्हैया पांडेय ने तत्काल उन्हें निजी वाहन से लखनऊ के संजय गांधी पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (पीजीआई) के लिए रवाना किया। घटना की सूचना मिलते ही एसपी चारू निगम ने कादीपुर के क्षेत्राधिकारी (सीओ) विनय गौतम को मौके पर भेजा। सीओ विनय गौतम ने बताया कि घायल इंस्पेक्टर की हालत गंभीर थी और स्थानीय स्तर पर बेहतर इलाज की सुविधा उपलब्ध नहीं थी, इसलिए समय गंवाए बिना सीधे लखनऊ रेफर किया गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का मुआयना किया। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि फायर सरकारी हथियार से नहीं बल्कि इंस्पेक्टर अरुण द्विवेदी की निजी 32 बोर की लाइसेंसी रिवॉल्वर से हुआ था। मौके से एक खोखा बरामद हुआ है, जबकि रिवॉल्वर में पांच जिंदा कारतूस पाए गए हैं।

रिवॉल्वर को कब्जे में लेकर जांच के लिए भेज दिया गया है। घटनास्थल पर कमरे के फर्श पर खून के छींटे भी पाए गए हैं, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि गोली लगने के बाद कुछ समय तक इंस्पेक्टर वहीं रहे और फिर बाहर निकलकर मदद मांगी। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है ताकि घटना के सभी पहलुओं की पुष्टि की जा सके। इंस्पेक्टर अरुण द्विवेदी मूल रूप से प्रयागराज जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं। वह अखंडनगर थाने में क्राइम इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं और 15 मार्च से थाना प्रभारी की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे। पुलिस विभाग में उनकी छवि एक जिम्मेदार और सक्रिय अधिकारी के रूप में मानी जाती है। फिलहाल उनका इलाज लखनऊ पीजीआई में चल रहा है। डॉक्टरों की टीम उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार सर्जरी के बाद उनकी स्थिति और स्पष्ट हो पाएगी। वहीं पूरे मामले को लेकर पुलिस प्रशासन भी सतर्क है और घटना की विस्तृत जांच जारी है।
