– एनजीओ में पढ़ने आने वाली बच्चियों में डर का माहौल, प्रशासन से कार्रवाई की मांग
हनुमानगढ़। शहर की पहचान माने जाने वाले नेहरू मेमोरियल स्कूल परिसर में इन दिनों नशेड़ियों का जमावड़ा लगने की शिकायतें सामने आ रही हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि जिस स्कूल में कभी दाखिले के लिए सिफारिशें लगानी पड़ती थीं, वहीं परिसर अब असामाजिक तत्वों और नशेड़ियों का अड्डा बनता जा रहा है। इस स्थिति को लेकर आसपास के लोगों में रोष और चिंता दोनों बढ़ती जा रही है। स्थानीय निवासी आकाश गर्ग ने बताया कि स्कूल परिसर में कई लोग खुलेआम नशा करते हुए देखे जा सकते हैं। उनका कहना है कि नशा करने के बाद कई लोग परिसर में ही पड़े रहते हैं या वहीं सो जाते हैं। यह स्थिति पिछले काफी समय से बनी हुई है, लेकिन अब तक इस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा कि स्कूल परिसर में इस तरह की गतिविधियां न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं बल्कि बच्चों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा बन सकती हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार इस समस्या का एक चिंताजनक पहलू यह भी है कि स्कूल से पुलिस थाना भी बहुत दूर नहीं है। बताया जा रहा है कि थाना स्कूल परिसर से एक किलोमीटर से भी कम दूरी पर स्थित है, इसके बावजूद नशेड़ियों में किसी प्रकार का डर दिखाई नहीं देता।

नागरिकों का कहना है कि यदि नियमित रूप से पुलिस गश्त हो या परिसर की निगरानी की जाए तो इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। मामले को और गंभीर इसलिए भी माना जा रहा है क्योंकि शाम के समय इसी स्कूल परिसर में एक एनजीओ के माध्यम से गरीब और जरूरतमंद परिवारों के बच्चे पढ़ने के लिए आते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार इस पहल के जरिए कई बच्चों को शिक्षा से जोड़ा जा रहा है, लेकिन परिसर में नशेड़ियों की मौजूदगी के कारण बच्चों और खासतौर पर बच्चियों में डर का माहौल बन गया है। आकाश गर्ग ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से कई बच्चियां पढ़ने के लिए आने में झिझक महसूस कर रही हैं। अभिभावकों को भी इस स्थिति को लेकर चिंता सताने लगी है। उनका कहना है कि यदि इसी तरह हालात बने रहे तो कई बच्चे पढ़ाई छोड़ने के लिए मजबूर हो सकते हैं, जिससे उनके भविष्य पर भी असर पड़ सकता है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि स्कूल परिसर शिक्षा और अनुशासन का प्रतीक होता है, लेकिन जब वहीं पर असामाजिक गतिविधियां होने लगें तो यह पूरे समाज के लिए चिंता का विषय बन जाता है। लोगों ने प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की जाए और परिसर से नशेड़ियों को हटाया जाए। नागरिकों ने यह भी सुझाव दिया है कि स्कूल परिसर में नियमित रूप से पुलिस गश्त शुरू की जाए और आवश्यक हो तो सुरक्षा गार्ड की भी व्यवस्था की जाए। इसके अलावा परिसर में पर्याप्त रोशनी और निगरानी की व्यवस्था करने की भी मांग उठाई गई है ताकि असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सके। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो भविष्य में कोई अप्रिय घटना भी हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जल्द से जल्द ठोस कदम उठाए जाएं। नागरिकों का कहना है कि स्कूल परिसर का माहौल सुरक्षित और सकारात्मक होना चाहिए ताकि बच्चे बिना किसी डर के पढ़ाई कर सकें। प्रशासन और पुलिस की सक्रियता से ही इस समस्या का स्थायी समाधान संभव है। लोगों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग जल्द कार्रवाई कर परिसर को नशेड़ियों से मुक्त कराएंगे और बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करेंगे।
