– पीएम श्री योजना से मिली नई उड़ान, शत-प्रतिशत बोर्ड परिणाम- आधुनिक सुविधाएं, व्यावसायिक शिक्षा और खेलों में लगातार रच रहा नए कीर्तिमान
हनुमानगढ़। तहसील के गांव जोड़कियां स्थित पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय आज केवल हनुमानगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे राजस्थान में एक आदर्श शैक्षणिक संस्थान के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है। वर्ष 2019 से विद्यालय ने शैक्षणिक, सहशैक्षणिक, खेल, नवाचार और व्यावसायिक शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर उल्लेखनीय प्रगति करते हुए सफलता के नए आयाम स्थापित किए हैं। विद्यालय की उत्कृष्ट उपलब्धियों को देखते हुए वर्ष 2022 में इसे राजस्थान के तीन सर्वश्रेष्ठ आदर्श विद्यालयों में शामिल किया गया था तथा राज्य सरकार ने इसे राज्य स्तरीय पुरस्कार से सम्मानित किया। इसके बाद वर्ष 2023 में विद्यालय का चयन पीएम श्री विद्यालय के रूप में हुआ। प्रदेश के कुल 639 पीएम श्री विद्यालयों में प्रथम चरण में चयनित 406 विद्यालयों में जोड़कियां विद्यालय भी शामिल है। इस योजना के माध्यम से विद्यालय को आधुनिक संसाधन उपलब्ध हुए हैं, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार हो रहा है। विद्यालय का शैक्षणिक स्तर लगातार ऊंचाइयों को छू रहा है। पिछले शैक्षणिक सत्र में बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम शत-प्रतिशत रहा। चार विद्यार्थियों ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए, जबकि प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थियों का प्रतिशत 70 से अधिक रहा। प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए विद्यालय में नेशनल मीन्स-कम-मेधा छात्रवृत्ति परीक्षा (एनएमएमएस) की नियमित अतिरिक्त कक्षाएं संचालित की जाती हैं। इसके साथ ही आसपास के दो सरकारी विद्यालयों में कक्षा आठ में अध्ययनरत विद्यार्थी भी यहां आकर तैयारी करते हैं। परीक्षा में सफल विद्यार्थियों को चार वर्षांे तक कुल 48 हजार रुपए की छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है।

विद्यालय के प्रधानाचार्य पवन कौशिक ने बताया कि संस्थान में आधुनिक भौतिक संसाधनों की कोई कमी नहीं है। विशाल एवं आकर्षक भवन, हरित परिसर और ग्रीन स्कूल की अवधारणा के अनुरूप विकसित वातावरण विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षण अनुभव प्रदान करता है। संगीत शिक्षा के लिए नियमित शिक्षक नियुक्त हैं तथा सभी आवश्यक वाद्य यंत्र उपलब्ध कराए गए हैं। प्रत्येक दिन की शुरुआत प्रेरणादायी प्रार्थना सभा से होती है। विद्यालय में विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए टेलीकॉम और प्लम्बर जैसे दो व्यावसायिक ट्रेड संचालित किए जा रहे हैं। इसी सत्र में विद्यालय के प्लम्बर ट्रेड के मॉडल ने जिले में प्रथम तथा राज्य स्तर पर द्वितीय स्थान प्राप्त किया। इन ट्रेडों से प्रशिक्षित अनेक विद्यार्थी प्रतिष्ठित कंपनियों में रोजगार प्राप्त कर चुके हैं। वहीं प्लम्बर ट्रेड के लगभग 50 पूर्व विद्यार्थी स्वयं का सफल व्यवसाय भी संचालित कर रहे हैं, जो विद्यालय की व्यावसायिक शिक्षा की सफलता का प्रमाण है। विद्यालय में समृद्ध पुस्तकालय, वाचनालय तथा आधुनिक विज्ञान एवं कंप्यूटर प्रयोगशालाएं विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करा रही हैं। डिजिटल शिक्षण को बढ़ावा देने के लिए आईसीटी लैब में मिनी थिएटर स्थापित किया गया है, जहां थ्री-डी तकनीक के माध्यम से शैक्षणिक डॉक्यूमेंट्री और पाठ्य सामग्री प्रदर्शित की जाती है। इससे विद्यार्थियों की विषयों में रुचि और समझ दोनों बढ़ रही है। संवैधानिक मूल्यों के प्रति जागरूकता विकसित करने के उद्देश्य से विद्यालय परिसर में संविधान कक्ष भी बनाया गया है। यहां डॉ. भीमराव आंबेडकर सहित भारतीय संविधान निर्माण में योगदान देने वाले महान व्यक्तित्वों की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई गई है, जिससे विद्यार्थियों को लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की समझ विकसित करने में सहायता मिल रही है। खेल गतिविधियों में भी विद्यालय लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहा है। हॉकी और वुशू सहित विभिन्न प्रतियोगिताओं में विद्यालय के खिलाड़ियों ने अनेक उपलब्धियां हासिल की हैं। वर्तमान में विद्यालय में लगभग दस प्रकार के खेलों का नियमित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बालिकाओं के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण की विशेष व्यवस्था है, जबकि विद्यालय की बैंड एवं ड्रम पार्टी पूरे क्षेत्र में अपनी शानदार प्रस्तुतियों के लिए प्रसिद्ध है। नामांकन के क्षेत्र में भी विद्यालय लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है। पिछले वर्ष जहां कुल नामांकन 472 था, वहीं इस वर्ष यह बढ़कर करीब 533 तक पहुंच गया है। केवल वर्तमान सत्र में ही लगभग 90 नए प्रवेश हुए हैं, जिससे नामांकन में लगभग 7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। विशेष बात यह है कि विद्यालय की बाल वाटिका (नर्सरी, एलकेजी और यूकेजी) में लगभग 80 बच्चों का प्रवेश हुआ है, जो जिले के सरकारी विद्यालयों में सर्वाधिक माना जा रहा है। बाल वाटिका के लिए पूर्णत: सुसज्जित कक्ष, खेल-आधारित शिक्षण सामग्री तथा पूरे वर्ष की शैक्षणिक व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है। प्रधानाचार्य पवन कौशिक ने बताया कि विद्यालय के विकास में क्षेत्र के भामाशाहों का भी समय-समय पर महत्वपूर्ण सहयोग मिलता रहा है। उनका विश्वास है कि आधुनिक संसाधनों, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, नवाचार और समाज के सहयोग से विद्यालय आने वाले वर्षांे में शिक्षा, खेल और कौशल विकास के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छुएगा तथा प्रदेश के अन्य विद्यालयों के लिए प्रेरणा का केन्द्र बना रहेगा।
