– राष्ट्रीय अध्यक्ष सुदीप दत्ता बोले-मजदूर, किसान, छात्र और नौजवानों के मुद्दों पर सरकार से आर-पार की लड़ाई- आंदोलन की तैयारियों को लेकर निकाला जुलूस व हुआ प्रशिक्षण शिविर
हनुमानगढ़। 10 अगस्त को प्रस्तावित देशव्यापी ‘जेल भरो आंदोलन’ की तैयारियों को लेकर गुरुवार को जंक्शन में सीटू (सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस) की ओर से सभा, जुलूस और प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सीटू के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुदीप दत्ता, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष एम साईं बाबू, राजस्थान अध्यक्ष भंवरसिंह शेखावत और राज्य महासचिव वीएस राणा, रामेश्वर वर्मा, आत्मासिंह, चन्द्रकला वर्मा, बहादुर सिंह चौहान सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत बाजार में जुलूस निकालकर की गई। इसके बाद मजदूरों के बीच काम करने वाले सीटू कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण शिविर आयोजित हुआ। शिविर में केन्द्रीय कमेटी के सदस्य एवं सीटू के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुदीप दत्ता तथा राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष एम साईं बाबू ने संगठन को मजबूत बनाने, जनसंघर्ष तेज करने और 10 अगस्त के आंदोलन की रणनीति पर प्रशिक्षण दिया। इस दौरान मजदूरों, किसानों, युवाओं और विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। जंक्शन में लाल चौक के नजदीक स्थित सीटू कार्यालय में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए सुदीप दत्ता ने कहा कि 29 जुलाई को दिल्ली में ट्रेड यूनियनों और संयुक्त किसान मोर्चा के संयुक्त महाअधिवेशन में 10 अगस्त को देशभर में एक हजार से अधिक स्थानों पर जेल भरो आंदोलन करने का निर्णय लिया गया था। उन्होंने कहा कि इस दिन हजारों मजदूर और किसान सड़क एवं रेल मार्ग पर प्रदर्शन कर गिरफ्तारी देंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि केन्द्र सरकार ने विरोध के बावजूद श्रम संहिताएं (लेबर कोड) लागू कर दीं, किसानों को फसलों का डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य देने का वादा पूरा नहीं किया, जबकि बिजली और पानी के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील के कारण विदेशी अनाज भारतीय बाजार में आएगा, जिससे किसानों पर असर पड़ेगा। साथ ही मनरेगा जैसी योजनाओं और न्यूनतम मजदूरी से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार को घेरा। सुदीप दत्ता ने कहा कि जब मजदूर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करते हैं तो उन्हें जेल भेजा जाता है, किसानों के आंदोलनों पर कार्रवाई होती है और छात्र-युवा अपनी मांगें उठाते हैं तो उन पर लाठीचार्ज और मुकदमे दर्ज किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि 10 अगस्त का जेल भरो आंदोलन सरकार के लिए चेतावनी होगा। उन्होंने दावा किया कि देश की जेलों की क्षमता पांच लाख से भी कम है, जबकि 10 अगस्त को 10 लाख से अधिक लोग गिरफ्तारी देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार मजदूरों, किसानों और आम जनता की मांगों पर संवाद नहीं करती है तो आने वाले समय में उसे और बड़े जनआंदोलनों का सामना करना पड़ेगा।
