– लोगों ने कहा-बेटियों का ऐसा सम्मान प्रेरणादायक
हनुमानगढ़। टाउन स्थित राजकीय जिला चिकित्सालय में भर्ती एक प्रसूता ने लक्ष्मी रूपी कन्या को जन्म दिया। शादी के करीब 12 साल बाद घर में किलकारी गूंजने से पूरे परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। नवजात बेटी के जन्म की खुशी में परिजनों ने ऐसा स्वागत किया कि हर कोई देखता रह गया। शनिवार को जब जच्चा-बच्चा को अस्पताल से छुट्टी मिली तो परिवारजन उन्हें दुल्हन की तरह सजी एम्बुलेंस में बैठाकर धूमधाम से घर लेकर पहुंचे। एम्बुलेंस को विशेष रूप से सजाया गया था और परिवार के सदस्य खुशी से झूमते नजर आए। गांव कमरानी निवासी नवजात बालिका के पिता ने बताया कि विवाह के 12 वर्ष बाद उनके घर बेटी का जन्म हुआ है। लंबे समय से परिवार इस खुशी का इंतजार कर रहा था और कई दुआओं के बाद घर में लक्ष्मी का आगमन हुआ है। इसी खुशी को यादगार बनाने के लिए बेटी को देवी स्वरूप मानते हुए विशेष तरीके से घर ले जाया गया। अस्पताल परिसर में भी यह दृश्य लोगों के आकर्षण का केन्द्र बना रहा। नवजात कन्या के स्वागत का यह अनोखा अंदाज चर्चा का विषय बन गया। परिजनों ने इस अवसर पर समाज को संदेश देते हुए कहा कि बेटा और बेटी में कोई फर्क नहीं करना चाहिए। बेटी परिवार और समाज दोनों को जोड़ने का काम करती है। उन्होंने कहा कि जिस तरह बेटे के जन्म पर खुशियां मनाई जाती हैं, उसी तरह बेटियों के जन्म पर भी उत्सव होना चाहिए। परिवार की इस पहल की लोगों ने सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।
