– मसीतांवाली हेड चौराहे पर नौरंगदेसर-रावतसर वितरिका के किसानों का प्रदर्शन, चार में से दो समूह चलाकर पानी देने की मांग
हनुमानगढ़। नौरंगदेसर और रावतसर वितरिका से जुड़े किसानों ने मंगलवार को मसीतांवाली हेड चौराहे पर चक्काजाम कर विरोध प्रदर्शन किया। किसानों ने राजस्थान कैनाल में पर्याप्त पानी चलने के बावजूद सिंचाई के लिए पानी नहीं मिलने पर नाराजगी जताई और सरकार तथा सिंचाई विभाग से तत्काल चार में से दो समूह बनाकर नहरों में पानी देने की मांग की। प्रदर्शन कर रहे किसानों ने कहा कि पिछले कई दिनों से राजस्थान कैनाल में करीब 13 हजार क्यूसेक पानी चल रहा है।

इसके बावजूद नौरंगदेसर और रावतसर वितरिका के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं करवाया जा रहा। किसानों का आरोप है कि सरकार और सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता की नीतियों के कारण उनकी फसलें बर्बादी की कगार पर पहुंच रही हैं। किसानों ने कहा कि पिछले कई वर्षांे में राजस्थान कैनाल में इतना पानी नहीं चला है। ऐसे में यदि सिंचाई विभाग चाहे तो चार में से दो समूह बनाकर नौरंगदेसर और रावतसर वितरिका के किसानों को सिंचाई पानी उपलब्ध करवाया जा सकता है। किसानों का कहना है कि इससे उपलब्ध पानी का बेहतर प्रबंधन हो सकेगा और किसानों की फसलों को राहत मिल सकती है।

किसानों ने बताया कि इस बार मानसून सीजन में पर्याप्त बारिश नहीं होने से ग्वार, नरमा, बाजरा सहित अन्य फसलें सिंचाई के अभाव में सूखने लगी हैं। खेतों में खड़ी फसलों को इस समय पानी की सख्त जरूरत है। यदि समय पर सिंचाई पानी नहीं मिला तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। किसानों ने चेतावनी दी कि उनकी मांग पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।

उन्होंने सिंचाई विभाग से तत्काल नहरों में चार में से दो समूह चलाकर प्रभावित किसानों को सिंचाई पानी उपलब्ध करवाने की मांग की।
