हनुमानगढ़। जंक्शन शहर के बीचोंबीच स्थित भीड़भाड़ वाले इलाके में संचालित पुरानी सब्जी मंडी में व्याप्त अव्यवस्थाओं को लेकर व्यापारियों, किसानों और मजदूर वर्ग का आक्रोश खुलकर सामने आ गया है। गुरुवार को मंडी प्रांगण में बड़ी संख्या में एकत्रित होकर उन्होंने विरोध-प्रदर्शन किया और मंडी को नवां बाइपास स्थित नई सब्जी मंडी में शीघ्र स्थानांतरित करने की मांग उठाई। किसान प्रतिनिधि गणपत बारूपाल ने बताया कि नवां बाइपास पर करीब 12 वर्ष पूर्व नई सब्जी मंडी आवंटित की गई थी। वहां भवन निर्माण सहित आवश्यक ढांचा तैयार हुए लगभग छह वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद मंडी को स्थानांतरित नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि पुरानी मंडी में समस्याओं की भरमार है, जिससे किसान, व्यापारी, मजदूर वर्ग और टेम्पो यूनियन के सदस्य सभी परेशान हैं। मंडी प्रांगण में जगह की भारी कमी है। भारी वाहनों की आवाजाही के कारण आए दिन जाम की स्थिति बन जाती है। किसानों की सब्जियां और दुपहिया वाहन चोरी होने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। भीड़भाड़ और असुरक्षा के कारण कामकाज प्रभावित हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 15 दिन के भीतर पुरानी सब्जी मंडी को नई मंडी में शिफ्ट नहीं किया गया तो व्यापारी, किसान और मजदूर मिलकर मंडी बंद करने का निर्णय लेंगे। यदि एक माह बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो पुरानी मंडी को पूर्णत: बंद कर दिया जाएगा।
मूलभूत सुविधाओं का अभाव
सब्जी मंडी आढ़तिया यूनियन के अध्यक्ष रत्तीराम शाक्य ने बताया कि मंडी प्रांगण में शौचालय जैसी बुनियादी सुविधा तक उपलब्ध नहीं है। स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था भी नहीं है, जिससे गंदा पानी पीने की मजबूरी बनी हुई है और बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन की ओर से किसी प्रकार की ठोस सुविधा उपलब्ध नहीं करवाई जा रही है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि जनहित और व्यापारिक सुविधा को ध्यान में रखते हुए पुरानी सब्जी मंडी को जल्द से जल्द नवां बाइपास स्थित नई सब्जी मंडी में स्थानांतरित किया जाए, ताकि वर्षांे से चली आ रही समस्याओं का समाधान हो सके।
