- हनुमानगढ़ जंक्शन थाने में दर्ज दोनों एफआईआर रद्द, संतोष बंसल और वंदना जैन को भी राहत, जेल में हों तो रिहा करने के निर्देश
हनुमानगढ़। करीब 23 साल पुराने नगर परिषद की सरकारी भूमि से जुड़े कथित पट्टा प्रकरण में हनुमानगढ़ के निर्दलीय विधायक गणेशराज बंसल को राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर पीठ से बड़ी कानूनी राहत मिली है। न्यायमूर्ति अशोक कुमार जैन की एकलपीठ ने हनुमानगढ़ जंक्शन थाने में दर्ज दोनों एफआईआर रद्द कर दी हैं। अदालत ने याचिकाकर्ता संतोष बंसल की आपराधिक विविध याचिकाओं का निस्तारण करते हुए यह आदेश दिया। मामले में गणेशराज बंसल, संतोष बंसल और वंदना जैन को राहत मिली है। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा कि यदि संबंधित आरोपी जेल में हैं तो उन्हें रिहा किया जाए। दोनों एफआईआर रद्द किए जाने के आदेश के बाद इस प्रकरण में विधायक गणेशराज बंसल और अन्य याचिकाकर्ताओं को राहत मिली है। मामला वर्ष 2003 में हनुमानगढ़ जंक्शन के सेक्टर 9-एल की भूमि से जुड़े आवासीय पट्टों को लेकर था। प्रकरण में गणेशराज बंसल और उनकी पत्नी संतोष बंसल सहित अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर पट्टे जारी करने सहित विभिन्न आरोप लगाए गए थे। इस मामले में पुलिस ने हनुमानगढ़ जंक्शन थाने में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की थीं। इससे पहले 23 सितंबर को हाईकोर्ट ने इन प्रकरणों में अंतरिम राहत देते हुए गिरफ्तारी और दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगाई थी तथा विस्तृत आदेश सुरक्षित रखा था। इसके बाद आज अदालत ने दोनों एफआईआर को रद्द करने का आदेश दिया। हाईकोर्ट के आदेश के बाद करीब 23 साल पुराने इस पट्टा प्रकरण में विधायक गणेशराज बंसल, संतोष बंसल और वंदना जैन को महत्वपूर्ण कानूनी राहत मिली है।
