हनुमानगढ़। निर्दलीय विधायक गणेश राज बंसल के निर्वाचन को लेकर उठे विवाद ने अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा दिया है। इस संबंध में भाजपा प्रत्याशी अमित चौधरी की ओर से विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दायर कर न्याय की मांग की गई है। यह याचिका राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर के आदेश के विरुद्ध सर्वोच्च न्यायालय में प्रस्तुत की गई है। याचिकाकर्ता अमित चौधरी ने आरोप लगाया है कि विधायक बनने की प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हुईं, जिससे लोकतांत्रिक मूल्यों को ठेस पहुंची है। मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना और न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां की खंडपीठ के समक्ष हुई। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मनिंद्र सिंह, अजय अग्रवाल, आदर्श अग्रवाल, विष्णुकांत, मोहित सोनी, कोनार्क, मिलिंद राय, अभिषेक डागर, सार्थक सिंह ने पक्ष रखा। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता पक्ष ने मामले की गंभीरता को रेखांकित करते हुए विस्तृत तर्क प्रस्तुत किए। न्यायालय ने प्रथम दृष्टया मामले को महत्वपूर्ण मानते हुए प्रतिवादी पक्ष को नोटिस जारी करने के आदेश दिए। न्यायालय की ओर से यह नोटिस देरी माफी आवेदन तथा मुख्य विशेष अनुमति याचिका दोनों पर जारी किया गया है। साथ ही याचिकाकर्ता को दस्ती नोटिस देने की अनुमति भी प्रदान की गई है, जिससे वह सीधे प्रतिवादियों को नोटिस तामील करवा सके। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 5 मई को निर्धारित की है, जिसमें प्रतिवादी पक्ष को अपना जवाब प्रस्तुत करना होगा। इसके बाद मामले में आगे की सुनवाई की प्रक्रिया जारी रहेगी। याचिकाकर्ता का कहना है कि यह मामला केवल व्यक्तिगत विवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और लोकतंत्र की गरिमा से जुड़ा हुआ है। ऐसे में निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई आवश्यक है। फिलहाल, सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले में कोई अंतिम निर्णय नहीं दिया है और प्रतिवादी पक्ष से जवाब मांगा गया है। आगामी सुनवाई में मामले की स्थिति और स्पष्ट होने की संभावना है।
