हनुमानगढ़। डबलीराठान अनाज मंडी में गेहूं उठाव को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। जनता ट्रैक्टर-ट्रॉली यूनियन और व्यापारियों के बीच परिवहन व्यवस्था को लेकर टकराव की स्थिति बनी हुई है। पिछले तीन दिनों से यूनियन की हड़ताल के चलते मंडी से गेहूं उठाव पूरी तरह ठप हो गया है, जिससे मंडी में जगह की भारी कमी हो गई है। जानकारी के अनुसार, जनता ट्रैक्टर-ट्रॉली यूनियन से जुड़े लोग एमएसपी पर खरीदे गए गेहूं का परिवहन पूर्व की तरह ट्रैक्टर-ट्रॉली से ही कराने की मांग कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर व्यापारी ट्रकों के माध्यम से परिवहन की व्यवस्था लागू करने की मांग पर अड़े हैं। मंगलवार को मंडी के व्यापारी अपनी समस्या लेकर जिला कलक्टर के पास पहुंचे और ट्रकों से गेहूं उठाव की व्यवस्था करवाने की मांग रखी। व्यापार मंडल डबलीराठान के पूर्व अध्यक्ष राजेश सिडाना ने बताया कि ट्रैक्टर-ट्रॉली में अधिकतम 26 क्विंटल माल ले जाने की अनुमति है। पिछले वर्ष 60 प्रतिशत माल ट्रैक्टर-ट्रॉली और 40 प्रतिशत ट्रकों से परिवहन का समझौता हुआ था।

उन्होंने बताया कि ट्रैक्टर-ट्रॉली के जरिए माल परिवहन में वजन में कमी पाई जाती है। धर्मकांटे पर तौल के दौरान प्रति ट्रॉली 15 से 20 किलोग्राम तक कम माल निकलता है, जबकि ट्रकों में ऐसा नहीं होता। इससे व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ता है। इसके अलावा ट्रॉली के जरिए कम मात्रा में माल उठता है। मंडी से वेयरहाउस की दूरी 7-8 किलोमीटर है, जहां 100 ट्रैक्टर-ट्रॉली से प्रतिदिन केवल 5 से 6 हजार बैग ही उठ पाते हैं, जबकि ट्रकों के जरिए 20-25 ट्रक रोजाना 12 से 14 हजार बैग का उठाव कर सकते हैं। व्यापारियों ने किसानों के भुगतान में देरी को भी बड़ा मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन सिस्टम के चलते गेट पास और भुगतान प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। अधिक गेट पास बनने से सर्वर और नेटवर्क की समस्या आती है, जिससे किसानों को भुगतान में देरी होती है। व्यापारियों का आरोप है कि यूनियन के लोग जबरदस्ती कर रहे हैं और धमकियां दे रहे हैं, जिससे किसान, मजदूर और व्यापारी सभी परेशान हैं। मंडी में कृषि जिन्स से भरे बैग पड़े हैं, लेकिन उठाव नहीं हो पा रहा। व्यापारियों ने यह भी कहा कि जिले की अन्य मंडियों जंक्शन, टाउन, टिब्बी और तलवाड़ा झील इत्यादि में ट्रैक्टर-ट्रॉली से परिवहन नहीं हो रहा, ऐसे में केवल डबलीराठान मंडी में यह व्यवस्था लागू करना उचित नहीं है। व्यापारियों ने जिला प्रशासन से मांग की कि मंडी से ट्रकों के जरिए गेहूं उठाव की व्यवस्था लागू की जाए, ताकि तेजी से माल का परिवहन हो सके और किसानों को समय पर भुगतान मिल सके।

यूनियन का धरना जारी
उधर, जनता ट्रैक्टर-ट्रॉली यूनियन के बैनर तले डबलीराठान अनाज मंडी में मंगलवार को तीसरे दिन भी धरना जारी रहा। यूनियन के सचिव काला सिंह के अनुसार यूनियन पिछले 40 वर्षां से ट्रैक्टर-ट्रॉली के जरिए कृषि जिन्स का उठाव कर रही है और यह उनके रोजगार का मुख्य साधन है। उन्होंने बताया कि इस बार ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के सभी कागजात पूरे हैं और संख्या भी पर्याप्त है, इसलिए ट्रकों को मंडी में चलने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रकों के कारण मंडी में जाम की स्थिति बनती है और छोटे वाहन संचालकों का रोजगार प्रभावित होता है। यूनियन का कहना है कि यह उनके पेट का सवाल है, इसलिए वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। इस मौके पर यूनियन प्रधान पप्पूसिंह, गुरदेव सिंह, बिकर सिंह, जाकिर हुसैन, जग्गासिंह, हनीफ खां, सद्दीक मोहम्मद, बलकरण सिंह, महेन्द्र सिंह, लाल सिंह, संदीप कुमार इत्यादि मौजूद रहे।
