भोपाल। मध्य प्रदेश में एक ओर भारतीय जनता पार्टी सत्ता और संगठन में नई नियुक्तियों की तैयारी में जुटी है, तो दूसरी ओर पार्टी अपने नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को वैचारिक और तकनीकी रूप से मजबूत करने पर भी जोर दे रही है। इसी कड़ी में इस महीने आयोजित होने वाले जिला प्रशिक्षण वर्गों में शामिल नेताओं के लिए नई व्यवस्था लागू की जा रही है, जिसके तहत उन्हें प्रशिक्षण के बाद परीक्षा देनी होगी। पार्टी के इस प्रशिक्षण मॉडल में अनुशासन और एकाग्रता सुनिश्चित करने के लिए सख्त व्यवस्थाएं की गई हैं। प्रशिक्षण वर्ग में शामिल होने वाले नेताओं के मोबाइल फोन प्रवेश से पहले ही जमा करा लिए जाएंगे। इसके लिए प्रशिक्षण स्थल पर विशेष मोबाइल काउंटर बनाए जाएंगे, जहां टोकन सिस्टम के जरिए मोबाइल सुरक्षित रखे जाएंगे। प्रशिक्षण के समापन के बाद प्रतिभागियों को ‘पोस्ट टेस्ट’ देना अनिवार्य होगा। इस परीक्षा के माध्यम से यह आकलन किया जाएगा कि प्रशिक्षण सत्रों के दौरान नेताओं ने पार्टी की विचारधारा, इतिहास, वर्तमान चुनौतियों और तकनीकी पहलुओं को कितना आत्मसात किया है। परीक्षा में प्रशिक्षण के दौरान बताए गए विषयों से जुड़े प्रश्न पूछे जाएंगे। पार्टी का मानना है कि इस तरह की पहल से कार्यकर्ताओं और नेताओं की समझ बेहतर होगी और वे संगठन की नीतियों को जमीनी स्तर पर अधिक प्रभावी ढंग से लागू कर सकेंगे।
