हनुमानगढ़। शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के दावों के बीच टाउन स्थित महात्मा गांधी राजकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय नम्बर दो की जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। यहां कक्षाकक्षों की कमी के चलते विद्यार्थी भीषण गर्मी में पढ़ाई करने को मजबूर हैं, जिससे उनकी सेहत और शिक्षा दोनों प्रभावित हो रही हैं। स्थिति इतनी विकट है कि एक-एक कमरे में तीन से चार कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है, जबकि छोटे बच्चों को बरामदे में बैठाकर पढ़ाया जा रहा है। तेज गर्मी के बीच खुले में बैठकर पढ़ाई करना बच्चों के लिए बेहद कठिन साबित हो रहा है। विद्यालय में शौचालय व्यवस्था भी चिंताजनक बनी हुई है।

पुराने शौचालय जर्जर अवस्था में हैं और नए निर्माण को लेकर भेजा गया प्रस्ताव अभी स्वीकृति की प्रतीक्षा में है। इससे विद्यार्थियों के साथ-साथ स्टाफ को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। 13 मई से परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं, लेकिन व्यवस्थाओं के अभाव में तैयारियां अधूरी हैं। इन हालातों का असर नामांकन पर भी पड़ा है और अभिभावक अपने बच्चों को यहां दाखिला दिलाने से कतरा रहे हैं। विद्यालय प्रभारी ने बताया कि फिलहाल कक्षा-कक्षों की मरम्मत का कार्य जारी है, जिसके कारण तीन-चार कमरे बंद हैं और यही अव्यवस्था का मुख्य कारण है।

उन्होंने उम्मीद जताई कि गर्मी की छुट्टियों के बाद स्थिति सामान्य हो जाएगी और सभी आठ कक्षाओं में नियमित पढ़ाई शुरू हो सकेगी। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में विद्यालय में 77 विद्यार्थियों का नामांकन है और यह स्कूल करीब दो वर्ष पहले अंग्रेजी माध्यम में परिवर्तित हुआ था। अभिभावकों को लगातार प्रेरित किया जा रहा है कि वे अपने बच्चों को अंग्रेजी माध्यम में पढ़ने के लिए यहां भेजें। प्रभारी ने विभाग से मांग की है कि शौचालय निर्माण को जल्द स्वीकृति प्रदान की जाए और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर वातावरण में शिक्षा मिल सके। फिलहाल, तपती गर्मी के बीच बच्चों का संघर्ष शिक्षा व्यवस्था की चुनौतियों को उजागर कर रहा है।
