– 14 साल बाद रीको व प्रशासन से सीधा संवाद, 35-40 किसान पहुंचे, 15 को विकल्प आवेदन बांटे
हनुमानगढ़। कोहला औद्योगिक क्षेत्र की अवाप्तशुदा भूमि से जुड़े किसानों के लिए ग्राम पंचायत कोहला में रीको और जिला प्रशासन की ओर से एक विशेष कैंप का आयोजन किया गया। इस कैंप का मुख्य उद्देश्य उन खातेदारों को नई नीति की जानकारी देना था, जिन्होंने अब तक अपनी भूमि का नकद मुआवजा प्राप्त नहीं किया है। कैंप में अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार की नई नीति के अनुसार राजस्थान के सभी रीको औद्योगिक क्षेत्रों में जिन किसानों ने अभी तक मुआवजा नहीं उठाया है, वे नकद मुआवजे के स्थान पर 25 प्रतिशत विकसित भूमि लेने के लिए विकल्प आवेदन कर सकते हैं। इसी नीति के प्रचार-प्रसार और किसानों को जागरूक करने के उद्देश्य से यह कैंप आयोजित किया गया। कैंप से पहले व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया, जिसका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला और करीब 35 से 40 किसान इसमें शामिल हुए। उल्लेखनीय है कि भूमि अवाप्ति के लगभग 14 वर्ष बाद पहली बार किसानों को रीको और जिला प्रशासन के अधिकारियों से सीधे संवाद का अवसर मिला, जिससे किसानों ने अपनी समस्याएं और शंकाएं खुलकर रखीं। कैंप के दौरान उपखंड अधिकारी मांगीलाल सुथार, तहसीलदार हरीश सारण, रीको क्षेत्रीय प्रबंधक अनूप कुमार श्रीवास्तव, एमसी मीणा तथा पटवारी शैलेन्द्र उपस्थित रहे। अधिकारियों ने किसानों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और उनके समाधान के लिए प्रयास किए। उपखंड अधिकारी मांगीलाल सुथार ने किसानों से अपील की कि वे रीको की नई पॉलिसी का गहन अध्ययन करें और उसके बाद ही अपने विवेक से निर्णय लेते हुए विकल्प आवेदन जमा करवाएं। उन्होंने कहा कि यह निर्णय सोच-समझकर लेना जरूरी है ताकि भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी न हो। कैंप के दौरान लगभग 15 खातेदारों को विकल्प आवेदन फॉर्म भी वितरित किए गए। संबंधित किसानों ने आश्वासन दिया कि वे योजना को समझकर निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन जमा करवाएंगे। रीको क्षेत्रीय प्रबंधक अनूप कुमार श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए बताया कि यह योजना किसानों के हित में तैयार की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भूमि का मुआवजा उस समय की प्रचलित दरों और नीतियों के अनुसार उपखंड अधिकारी कार्यालय द्वारा तैयार अवार्ड के आधार पर निर्धारित किया गया था, जिसे राज्य सरकार से अनुमोदन प्राप्त है। उन्होंने बताया कि अंतिम अवार्ड 5 जुलाई 2012 और 20 जुलाई 2012 को दो चरणों में जारी किया गया था तथा वर्ष 2012-13 में ही समस्त मुआवजा राशि रीको द्वारा उपखंड अधिकारी कार्यालय में जमा करवा दी गई थी। जिन खातेदारों ने मुआवजा बढ़ाने के लिए सिविल न्यायालय में रेफरेंस प्रस्तुत किए थे, उनकी राशि भी न्यायालय में जमा करवाई जा चुकी है। रीको प्रबंधन ने बताया कि लगातार प्रयास किए जा रहे हैं कि किसान अपना मुआवजा उपखंड अधिकारी कार्यालय या न्यायालय से प्राप्त करें और औद्योगिक क्षेत्र के विकास में सहयोग दें। अधिकारियों ने किसानों को यह भी भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी इस प्रकार के कैंप आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक किसानों को योजना की जानकारी मिल सके और उनकी समस्याओं का समाधान किया जा सके।
