हनुमानगढ़। राजस्थान शिक्षक संघ (प्रगतिशील) जिला शाखा हनुमानगढ़ के बैनर तले शिक्षकों और कार्यकारी सदस्यों ने मंगलवार को राज्य सरकार की नीतियों के विरोध में काली पट्टी बांधकर प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रांतीय आह्वान पर अपने-अपने कार्यस्थलों पर किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में शिक्षकों ने भाग लेकर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई। जिलामंत्री अशोक कुमार धौलपुरिया ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर लिए जा रहे निर्णय शिक्षकों और कर्मचारियों के हितों के प्रतिकूल हैं। उन्होंने कहा कि आरजीएचएस योजना के तहत इलाज और दवाइयों की सुविधाओं में कटौती या बाधा उत्पन्न होना गंभीर चिंता का विषय है। इसके अलावा समर्पित अवकाश (पीएल) के भुगतान पर रोक और ग्रीष्मावकाश में कटौती जैसे फैसलों ने शिक्षकों में असंतोष बढ़ा दिया है। संघ के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन केवल विरोध तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि समस्याओं के समाधान तक इसे चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। प्रदेश संयुक्त संघर्ष समिति के अध्यक्ष जोगेंद्र मोठसरा ने कहा कि यदि सरकार ने शीघ्र सकारात्मक कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। जिला अध्यक्ष ओमप्रकाश नंदेवाल ने जानकारी दी कि आंदोलन के अगले चरण के तहत 18 मई 2026 को शिक्षा निदेशालय, बीकानेर के समक्ष बड़ा धरना प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इस धरने में प्रदेशभर से शिक्षकों के शामिल होने की संभावना है, जिससे सरकार पर दबाव बढ़ सकता है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि इसके बाद भी सरकार ने मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो व्यापक आंदोलन की घोषणा की जाएगी, जिसमें कार्य बहिष्कार जैसे कदम भी शामिल हो सकते हैं। फिलहाल, शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर अपनी एकजुटता और विरोध दर्ज कराया है।
