हनुमानगढ़। विवाहिता को दहेज के लिए प्रताड़ित करने, मारपीट कर घर से निकालने और अतिरिक्त दहेज की मांग करने का मामला सामने आया है। तलवाड़ा झील थाना पुलिस ने पति सहित छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार पूनम (30) पुत्री ओमप्रकाश कुम्हार निवासी डबली खुर्द, चक 8 डीबीएल ने तलवाड़ा झील थाने में रिपोर्ट पेश कर बताया कि उसकी शादी 5 फरवरी 2022 को अजय पुत्र लेखराम निवासी 8 डीबीएल डबली तहसील टिब्बी के साथ हुई थी। प्रार्थिया ने बताया कि शादी में उसके पिता ने दहेज स्वरूप सोफा सेट, संदूक, एसी, बर्तन, ओवन, वॉशिंग मशीन, अलमारी, फ्रिज, टाटा अल्ट्रोज कार, एलईडी, 31 बिस्तर, 30 तोला सोना, दो किलो चांदी तथा 1 लाख 51 हजार रुपए नकद दिए थे। विवाह के बाद वह पति के साथ ससुराल में रहने लगी। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि शादी के करीब 22 दिन बाद ही ससुर लेखराम और सास गौरा देवी ने उसे कम दहेज लाने का ताना देना शुरू कर दिया। आरोपियों ने कहा कि उनके पुत्र की रेलवे में नौकरी होने के बावजूद शादी में स्कॉर्पियो गाड़ी नहीं दी गई। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई। विवाहिता ने आरोप लगाया कि उसके पति अजय कुमार के अपने ताऊ ससुर की पुत्रवधू सुदेश के साथ अवैध संबंध हैं। जब उसने इस पर आपत्ति जताई तो पति, सास और ससुर ने कथित रूप से कहा कि तुम्हें तो केवल दहेज के लिए लाए हैं, बहू तो सुदेश ही बनेगी। प्रार्थिया के अनुसार आरोपियों ने उससे स्कॉर्पियो गाड़ी, दो लाख रुपए नकद तथा बाद में बेटे के जन्म पर दो तोला सोने की चेन और ब्रेसलेट की मांग की। मांग पूरी नहीं होने पर उसे प्रताड़ित किया गया और घर से निकाल दिया गया। रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया गया कि करीब एक माह पहले पंचायत के बाद वह ससुराल लौटी थी, लेकिन बाद में उसके पिता ओमप्रकाश और भाई विनोद जब उसे लेने पहुंचे तो उनके पीछे पालतू कुत्ते छोड़ दिए गए, जिससे दोनों घायल होने से बाल-बाल बचे। प्रार्थिया ने आरोप लगाया कि सिलोचना पुत्री महावीर, सुदेश पत्नी स्वर्गीय राजेश कुमार तथा जगदीश पुत्र महावीर भी उसे लगातार परेशान करते थे और सुदेश की शादी अजय से करवाने की बात कहते थे। साथ ही जान से मारने की धमकियां भी दी गईं। तलवाड़ा झील थाना पुलिस ने लेखराम, गौरा देवी, अजय कुमार, सिलोचना, सुदेश और जगदीश निवासी 8 डीबीएल डबली के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मामले की जांच थाना प्रभारी जगदीश सिंह कर रहे हैं।
