जोधपुर। राजस्थान पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव शर्मा ने कहा है कि प्रदेश में ड्रग्स के खिलाफ अभियान को और तेज किया जा रहा है। एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) को सक्रिय कर उसकी चौकियां कार्यशील कर दी गई हैं। साथ ही ड्रग माफियाओं की संपत्तियां जब्त करने और उन्हें ध्वस्त करने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। शनिवार को जोधपुर दौरे पर पहुंचे डीजीपी राजीव शर्मा ने कलेक्टरेट स्थित आईजी जोधपुर रेंज कार्यालय में पुलिस अधिकारियों की बैठक लेने के बाद कहा कि प्रदेश में ड्रग्स की समस्या पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा और सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को रोकना भी पुलिस के लिए महत्वपूर्ण चुनौती बना हुआ है। डीजीपी ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देश पर यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों और वाहनों में अवैध संशोधन करने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

ऐसे मामलों में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। इसे देखते हुए राज्य सरकार के सहयोग से राजस्थान में साइबर क्राइम इंफॉर्मेशन सेंटर स्थापित किया जा रहा है, जिसे जल्द ही क्रियाशील करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अलावा हार्डकोर अपराधियों को दोबारा अपराध करने से रोकना भी पुलिस की प्राथमिकताओं में शामिल है। बैठक में जोधपुर संभाग के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। डीजीपी ने कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और पुलिस कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को अपराधों पर सतत निगरानी रखने तथा आमजन में सुरक्षा का विश्वास मजबूत करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान रात 8 बजे के बाद अवैध रूप से होने वाली शराब बिक्री पर भी चर्चा हुई। डीजीपी ने अधिकारियों को नियमित अभियान चलाकर ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी अधिकारियों को बेहतर समन्वय के साथ कार्य करना होगा।
