बाड़मेर। अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे इलाकों में अवैध अतिक्रमण और संदिग्ध गतिविधियों को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा नेता कैलाश चौधरी ने कहा कि जो लोग अतिक्रमण करेंगे, कार्रवाई उन्हीं पर होगी। सरकार और प्रशासन कानून के अनुसार अपना काम कर रहे हैं और आगे भी अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर बाड़मेर के आदर्श स्टेडियम पहुंचे कैलाश चौधरी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सीमा से 50 किलोमीटर के दायरे में किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि सीमा क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण हटाना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है और जहां-जहां ऐसे कब्जे पाए गए हैं, वहां कार्रवाई की गई है। चौधरी ने कहा कि जैसलमेर में तारबंदी से करीब पांच किलोमीटर दूर एक धार्मिक स्थल बना हुआ है, जबकि संबंधित पंचायत की आबादी 60 से 100 लोगों के बीच है। इसके बावजूद वहां करोड़ों रुपये की लागत से धार्मिक स्थल बनाया गया और कांग्रेस शासनकाल में वहां तक करीब 100 किलोमीटर लंबी सड़क भी बनाई गई। उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियों की जांच और निगरानी प्रशासन कर रहा है। पूर्व मंत्री ने कहा कि सरकार कोई भी हो, यदि कोई निर्माण या अतिक्रमण गलत तरीके से किया गया है तो प्रशासन उसके खिलाफ निर्णय लेकर कार्रवाई करेगा। उन्होंने कहा कि गलत को सही नहीं माना जाएगा और उसे सुधारा जाएगा। कांग्रेस के “भाईचारे” वाले बयान पर पलटवार करते हुए चौधरी ने कहा कि सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होना स्वाभाविक है और इसमें नाराज होने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि आगे भी सरकार अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगी। पाकिस्तान का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पड़ोसी देश की गतिविधियों से सभी परिचित हैं और यदि कोई व्यक्ति देश विरोधी तत्वों का सहयोग करता है तो सरकार और जनता दोनों उसे बख्शने वाली नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अब देशहित सर्वोपरि है। पश्चिम बंगाल के संदर्भ में चौधरी ने कहा कि विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने वहां की परिस्थितियों को नजदीक से देखा था। उनके अनुसार, यदि भाजपा की सरकार नहीं बनती तो आने वाले वर्षों में स्थिति और गंभीर हो सकती थी। उन्होंने सीमा क्षेत्रों की सुरक्षा में प्रशासन के साथ आम लोगों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। उल्लेखनीय है कि राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में तारबंदी से 50 किलोमीटर के दायरे में बने अवैध अतिक्रमणों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। बाड़मेर के गडरारोड, रामसर, सेड़वा और बाखासर क्षेत्र में करीब एक दर्जन धार्मिक स्थलों और अन्य अवैध कब्जों को ध्वस्त किया जा चुका है।
