हनुमानगढ़। पड़ोसी जिले श्रीगंगानगर में 13 वर्षीय बालिका के साथ कथित रूप से कई दिनों तक हुए सामूहिक दुष्कर्म की घटना को लेकर हनुमानगढ़ में भी गहरा आक्रोश और चिंता का माहौल है। घटना के बाद जिले के विभिन्न सामाजिक संगठनों व सर्व समाज के प्रतिनिधियों ने बुधवार को टाउन स्थित गुरूद्वारा गुरूनानकसर प्रेमनगर में बैठक आयोजित कर महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर व्यापक चर्चा की। बैठक में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रशासन से प्रभावी कदम उठाने की मांग करने का निर्णय लिया गया। बैठक में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि ऐसी घटनाएं समाज को झकझोर देने वाली हैं और इनसे आमजन, विशेषकर अभिभावकों में भय का वातावरण बना है। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की आवश्यकता है। सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने निर्णय लिया कि गुरुवार को जिला कलक्टर एवं जिला पुलिस अधीक्षक को संयुक्त रूप से ज्ञापन सौंपकर विभिन्न मांगों से अवगत कराया जाएगा। ज्ञापन में शहर में संचालित अवैध होटलों, गेस्ट हाउसों एवं अन्य संदिग्ध गतिविधियों वाले स्थानों पर नियमित जांच अभियान चलाने तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की जाएगी। इसके अलावा स्कूलों एवं कॉलेजों की छुट्टी के समय पुलिस गश्त बढ़ाने, मनचलों और असामाजिक तत्वों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करने तथा छात्राओं की सुरक्षा के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने की भी मांग रखी जाएगी।
बैठक में यह भी प्रस्ताव रखा गया कि जिन स्लम क्षेत्रों एवं चिन्हित मोहल्लों में नशे से जुड़ी गतिविधियों की शिकायतें अधिक मिलती हैं, वहां विशेष अभियान चलाकर नशा तस्करों एवं असामाजिक तत्वों पर कठोर कार्रवाई की जाए। वक्ताओं का कहना था कि नशे की बढ़ती प्रवृत्ति अनेक सामाजिक अपराधों का कारण बन रही है, इसलिए इस पर प्रभावी नियंत्रण आवश्यक है। इसके साथ ही बैठक में विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में छात्राओं की वेशभूषा को लेकर भी चर्चा हुई। कुछ प्रतिनिधियों ने निजी शिक्षण संस्थाओं से मिलकर आग्रह करने का निर्णय लिया कि शिक्षण संस्थानों में पारंपरिक एवं शालीन वेशभूषा संबंधी सुझावों पर विचार किया जाए। इस विषय पर बैठक में विभिन्न मत सामने आए, जबकि सभी प्रतिभागियों ने इस बात पर एकमत सहमति जताई कि बालिकाओं की सुरक्षा, जागरूकता, प्रभावी कानून व्यवस्था और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। अंत में सभी सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से त्वरित एवं ठोस कार्रवाई की अपेक्षा व्यक्त करते हुए दोषियों के विरुद्ध कठोर दंड सुनिश्चित करने की मांग की। इस मौके पर पूर्व जिलाध्यक्ष देवेन्द्र पारीक, व्यापार मण्डल शिक्षा समिति अध्यक्ष बालकृष्ण गोल्याण, गुरूद्वारा सुखा सिंह महताब सिंह से बाबा जोगा सिंह, प्रेमनगर गुरूद्वारा सभापति बलकरण सिंह ढिल्लो, प्रधान गुरबूटा सिंह बराड़, उपप्रधान जगदीप सिंह, अमरजीत सिंह कौड़ा, जगदीश सिंह मुत्ती, धर्मप्रचार कमेटी प्रधान सुरजीत सिंह वजीतपुरिया, विकास शर्मा, राम कुक्कड़, फुडग्रेन मर्चेन्टस सचिव दलीप सिंह ढिल्लो, बलविन्द्र सिंह, बाबा युवराज सिंह, बाबा ईशर सिंह, विक्रमजीत सिंह, सुशील जैन, कपूर सिंह कौड़ा, नरेश छाबड़ा, गुरमेल सिंह बजीतपुरिया व सर्व समाज के प्रतिनिधि मौजूद थे।
