– नगर परिषद के खिलाफ की नारेबाजी, कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
हनुमानगढ़। टाउन शहर की मोची मार्केट में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या से व्यापारी और ग्राहक इन दिनों खासे परेशान हैं। बुधवार को समस्या से नाराज दुकानदारों ने नगर परिषद प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया और जल्द समाधान नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। दुकानदारों ने बताया कि मोची मार्केट शहर का सबसे पुराना बाजार है, जहां होजरी, चप्पल-जूते, जूतियां और रेडीमेड कपड़ों सहित करीब 60 दुकानें संचालित हैं। लेकिन पिछले करीब डेढ़ वर्ष से आवारा कुत्तों की समस्या के कारण बाजार की ग्राहकी प्रभावित हो रही है। व्यापारियों के अनुसार मार्केट में रहने वाला एक डॉग लवर परिवार नियमित रूप से स्ट्रीट डॉग्स को दूध और अन्य खाद्य सामग्री खिलाता है। इससे यहां बड़ी संख्या में आवारा कुत्तों का जमावड़ा लगा रहता है। कुत्ते दुकानों के अंदर तक घुस आते हैं और कई बार महिलाओं, बच्चों व अन्य ग्राहकों पर हमला कर उन्हें काट चुके हैं। साथ ही बाजार में गंदगी भी फैला रहे हैं। अमजद खान प्रधान ने बताया कि इस समस्या को लेकर नगर परिषद प्रशासन को कई बार लिखित शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

अधिकारियों का हर बार यही जवाब मिलता है कि डॉग शेल्टर हाउस निर्माणाधीन है और उसके पूरा होने के बाद ही व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में मोची मार्केट में करीब 50 आवारा कुत्ते घूमते रहते हैं। यदि किसी व्यक्ति को कुत्तों काटने के बाद रैबीज जैसी गंभीर बीमारी हो जाती है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी। उनका कहना है कि शेल्टर हाउस बनने में अभी चार से पांच माह का समय लग सकता है, लेकिन तब तक लोगों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी। दुकानदारों का आरोप है कि जब भी आवारा कुत्तों की समस्या उठाई जाती है तो कुछ डॉग लवर इसका विरोध करते हैं, जिससे अधिकारी भी कार्रवाई करने से बचते हैं। व्यापारियों ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार आबादी वाले क्षेत्रों से खूंखार और आक्रामक आवारा कुत्तों को हटाने की जिम्मेदारी स्थानीय निकाय की है। व्यापारियों ने नगर परिषद से जल्द प्रभावी कार्रवाई कर मोची मार्केट को आवारा कुत्तों से मुक्त कराने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो उन्हें आंदोलनात्मक कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
