हनुमानगढ़। ट्रांसपोर्ट कंपनी में भारी वाहन चालक की नौकरी पाने के लिए कथित रूप से फर्जी व कूटरचित ड्राइविंग लाइसेंस इस्तेमाल करने और कंपनी के वाहन को दुर्घटनाग्रस्त कर करीब 5 लाख रुपए का नुकसान पहुंचाने के मामले में नोहर थाना पुलिस ने न्यायालय के इस्तगासे पर मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार राजेन्द्र कुमार (46) पुत्र नंदराम सिहाग निवासी खरसंडी तहसील नोहर, सिहाग ट्रांसपोर्ट कंपनी, साहवा बाइपास नोहर के प्रोपराइटर हैं। परिवादी ने न्यायालय में पेश इस्तगासे में बताया कि प्रेम कुमार पुत्र श्योपतराम निवासी पक्काभादवां उसकी कंपनी में नौकरी मांगने आया था। प्रेम कुमार ने खुद को अनुभवी चालक बताते हुए कहा कि उसके पास भारी वाहन चलाने का वैध ड्राइविंग लाइसेंस है। उसकी बात पर विश्वास करते हुए कंपनी ने उसे 20 अगस्त 2025 को वाहन नंबर आरजे 49 जीए 7737 पर चालक के रूप में नियुक्त किया। कंपनी को ड्राइविंग लाइसेंस उपलब्ध करवाया। 11 अप्रैल 2026 को शिकारपुर, बुलंदशहर (उत्तर प्रदेश) में कंपनी का उक्त वाहन पलट गया, जिससे वाहन को करीब 5 लाख रुपए का नुकसान हुआ। कंपनी ने बीमा क्लेम प्राप्त करने के लिए वाहन और चालक के दस्तावेज बीमा कंपनी में जमा करवाए। इसी दौरान कथित तौर पर सामने आया कि चालक की ओर से प्रस्तुत किया गया ड्राइविंग लाइसेंस फर्जी व कूटरचित था। परिवादी ने आरोप लगाया कि आरोपी को लाइसेंस के फर्जी होने की जानकारी थी और उसने कथित रूप से फर्जी दस्तावेज को असली बताकर कंपनी को विश्वास में लिया तथा उसी आधार पर भारी वाहन चालक की नौकरी हासिल की। न्यायालय से प्राप्त इस्तगासे के आधार पर नोहर थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच सहायक उपनिरीक्षक विजेन्द्र कुमार को सौंपी गई है। पुलिस की ओर से फर्जी लाइसेंस तैयार करने, इस्तेमाल करने तथा वाहन दुर्घटना से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है।
