हनुमानगढ़। खेल और खिलाड़ियों को समर्पित संस्था क्रीड़ा भारती की ओर से 6 सितम्बर को आयोजित होने वाली क्रीड़ा ज्ञान परीक्षा को लेकर रावतसर शहर एवं ब्लॉक क्षेत्र में व्यापक प्रचार-प्रसार और पंजीयन अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत विभिन्न शैक्षिक एवं खेल संस्थाओं में संपर्क सभाएं आयोजित कर विद्यार्थियों, शिक्षकों, खिलाड़ियों और युवाओं को परीक्षा की जानकारी दी जा रही है तथा अधिक से अधिक संख्या में पंजीयन के लिए प्रेरित किया जा रहा है। अभियान के दौरान पूर्व विधायक डॉ. द्रोपती मेघवाल ने क्रीड़ा ज्ञान परीक्षा के पोस्टर का विमोचन किया। उन्होंने कहा कि ऐसी परीक्षाओं से विद्यार्थियों को भारतीय खेल परंपरा, महान खिलाड़ियों, खेलों के इतिहास और खेल संस्कृति की जानकारी मिलती है। साथ ही, युवाओं में खेलों के प्रति रुचि और जागरूकता भी बढ़ती है। क्रीड़ा भारती कार्यकर्ताओं ने रावतसर शहर एवं ब्लॉक क्षेत्र की विभिन्न शैक्षिक संस्थाओं में संपर्क सभाएं आयोजित कीं। इस दौरान विद्यार्थियों और शिक्षकों को परीक्षा की प्रक्रिया, ऑनलाइन पंजीयन तथा परीक्षा से संबंधित अन्य जानकारी दी गई। इसके अलावा खेल संस्थाओं, अकादमियों और क्लबों में संपर्क कर खिलाड़ियों एवं युवाओं से भी परीक्षा में हिस्सा लेने का आह्वान किया गया। संपर्क अभियान में क्रीड़ा भारती के जिला संयोजक दलीप वर्मा, जिलाध्यक्ष मदनलाल सुथार, कोच सुशील निमिवाल और राजेश बागोरिया ने हिस्सा लिया। उन्होंने विभिन्न संस्थाओं में संपर्क कर विद्यार्थियों एवं युवाओं को क्रीड़ा ज्ञान परीक्षा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने के लिए प्रेरित किया।
12 वर्ष या उससे अधिक आयु के प्रतिभागी ले सकेंगे हिस्सा
क्रीड़ा भारती पदाधिकारियों ने बताया कि परीक्षा में 12 वर्ष या उससे अधिक आयु के प्रतिभागी हिस्सा ले सकते हैं। परीक्षा ऑनलाइन आयोजित होगी और पंजीयन की अंतिम तिथि 4 सितम्बर निर्धारित की गई है। प्रतिभागियों के लिए आकर्षक पुरस्कार भी रखे गए हैं। राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम पुरस्कार 1 लाख रुपए, द्वितीय पुरस्कार 50 हजार रुपए, तृतीय पुरस्कार 25 हजार रुपए और चतुर्थ पुरस्कार 11 हजार रुपए निर्धारित किया गया है। इसके अलावा प्रांतीय स्तर पर भी प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। जिला संयोजक दलीप वर्मा ने विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों से अधिक से अधिक संख्या में पंजीयन करवाकर परीक्षा में हिस्सा लेने का आह्वान किया। जिलाध्यक्ष मदनलाल सुथार ने कहा कि खेल केवल शारीरिक विकास का माध्यम नहीं हैं, बल्कि इनके माध्यम से अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, टीम भावना, आत्मविश्वास और स्वस्थ जीवनशैली का भी विकास होता है।
