हनुमानगढ़। 11वें आयुर्वेद दिवस से पूर्व आयुर्वेद सप्ताह के तहत शनिवार को मिनिस्ट्री ऑफ आयुष, भारत सरकार, गवर्नमेंट ऑफ राजस्थान एवं श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय के अधीनस्थ आयुष विभाग के तत्वावधान में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों एवं आमजन को आयुर्वेद, प्राकृतिक जीवनशैली और स्वस्थ खान-पान के प्रति जागरूक करना रहा। आयुर्वेद सप्ताह के तहत 18 सितंबर को आयुर्वेद क्विज प्रतियोगिता एवं 19 सितंबर को हर्बल गार्डन प्लांटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया। 21 सितंबर को बच्चों की आहार प्रतियोगिता, 22 सितंबर को नि:शुल्क कम्युनिटी वेलनेस कैंप तथा 23 सितंबर को आयुर्वेद दिवस पर ‘दीक्षारंभÓ थीम पर विशेष कार्यक्रम होगा। इस दौरान सप्ताहभर की प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा। मुख्य अतिथि आयुर्वेद विभाग के उप निदेशक डॉ. तीर्थ कुमार शर्मा ने कहा कि बदलती जीवनशैली और खान-पान का स्वास्थ्य पर सीधा प्रभाव पड़ रहा है। स्वस्थ जीवन के लिए सात्विक एवं संतुलित आहार को दिनचर्या का हिस्सा बनाना जरूरी है। उन्होंने आंवले के सेवन को भी स्वास्थ्य एवं रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए लाभकारी बताया। श्री गुरु गोबिंद सिंह चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष बाबूलाल जुनेजा ने कहा कि आयुर्वेद केवल चिकित्सा पद्धति नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन जीने की समग्र पद्धति है। विद्यार्थियों और युवाओं को संतुलित आहार, नियमित दिनचर्या तथा योग-आयुर्वेद के प्रति प्रारंभ से जागरूक करना आवश्यक है। विश्वविद्यालय के एमडी दिनेश कुमार जुनेजा ने कहा कि आयुर्वेद हमारी प्राचीन चिकित्सा एवं जीवन पद्धति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। आयुर्वेद सप्ताह के माध्यम से विद्यार्थियों को औषधीय पौधों, संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली की व्यावहारिक जानकारी मिल रही है। कार्यक्रम में डॉ. सुरेन्द्र शर्मा, डॉ. देवेन्द्र भाम्भू, डॉ. वर्षा, आयुष विभागाध्यक्ष अरविन्द सिंह रावत, डॉ. साहिल ग्रोवर, डॉ. मांगीलाल बिश्नोई, डॉ. ज्योति, डॉ. हरीश, डॉ. युदित्य गोदारा, डॉ. मीनाक्षी बिश्नोई, डॉ. प्रियंका जोशी एवं डॉ. राजेश को विशेष धन्वंतरी सम्मान से सम्मानित किया गया। इस मौके पर विश्वविद्यालय के प्रो-चांसलर प्रो. डॉ. अमरजीत सिंह, रजिस्ट्रार डॉ. मयंक माथुर सहित डीएएनपी, बीएससी नर्सिंग, आयुर्वेद एवं बीएनवाईएस संकायों के विद्यार्थी और शिक्षक मौजूद रहे। मंच संचालन अनिल जिज्ञासु ने किया।
