– थाने में पूछताछ के दौरान हालत बिगड़ने पर अस्पताल पहुंचाया, 2006 की पुरानी फाइलों से जुड़ा मामला, पूर्व सभापति सुमित रणवां सहित पार्षदों ने पुलिस कार्रवाई पर जताया विरोध
हनुमानगढ़। टाउन पुलिस थाने में नगर परिषद के दो कर्मचारियों को राउंडअप करने के मामले ने शनिवार को तूल पकड़ लिया। वर्ष 2006 की पुरानी फाइलों में हेरफेर से जुड़े मामले की जांच के सिलसिले में पुलिस ने शनिवार को नगर परिषद के जंक्शन प्रभारी गंगाराम एवं लेखा अधिकारी मालचंद शर्मा को पूछताछ के लिए राउंडअप किया। इसी दौरान लेखा अधिकारी मालचंद शर्मा की अचानक तबीयत बिगड़ गई। उनकी हालत गंभीर होने पर थाने में हड़कंप मच गया और पुलिस आनन-फानन में उन्हें अस्पताल लेकर पहुंची। पूर्व सभापति सुमित रणवां भी पुलिस के साथ अस्पताल पहुंचे। उधर, इससे पहले मामले की जानकारी मिलते ही पूर्व सभापति सुमित रणवां सहित नगर परिषद के कई पार्षद एवं समर्थक टाउन थाने पहुंचे और पुलिस कार्रवाई का विरोध दर्ज करवाया। रणवां ने थाना प्रभारी से मुलाकात कर अधिकारियों को पूछताछ के लिए राउंडअप किए जाने को लेकर आपत्ति जताई तथा मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की।

रणवां के अनुसार शुक्रवार रात करीब 11 बजे सोनू मीणा की रिपोर्ट पर मुकदमा दर्ज किया गया, जिसमें नगर परिषद के जंक्शन प्रभारी गंगाराम एवं लेखा अधिकारी मालचंद शर्मा को नामजद किया गया है। मामला वर्ष 2006 की कुछ पुरानी फाइलों से जुड़ा बताया जा रहा है। इन फाइलों की गुमशुदगी की रिपोर्ट वर्ष 2013 में कृष्ण गोस्वामी की ओर से पुलिस थाने में दर्ज करवाई गई थी। अब पुलिस की ओर से इन्हीं फाइलों में कथित गड़बड़ी की जांच के तहत नगर परिषद कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है। रणवां ने कहा कि संबंधित फाइलें भूमि शाखा से जुड़ी हैं और इनका अकाउंट शाखा से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने बताया कि गंगाराम ने वर्ष 2017 में नगर परिषद में ज्वाइन किया था तथा वर्ष 2021 में उन्हें जंक्शन का प्रभारी बनाया गया था। ऐसे में पुरानी फाइलों के मामले में उनसे पूछताछ को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल पुरानी फाइलों से जुड़े इस पूरे मामले में पुलिस की जांच जारी है। लेखा अधिकारी की तबीयत बिगड़ने के बाद घटनाक्रम ने नया मोड़ ले लिया है।
पुलिस थाना के सामने आत्मदाह की चेतावनी
इधर, पूछताछ के दौरान लेखा अधिकारी मालचंद शर्मा की अचानक तबीयत बिगड़ने से पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। उनकी हालत गंभीर होने पर तत्काल अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में लेखा अधिकारी मालचंद शर्मा के बेटे ने आरोप लगाया कि उन्होंने पुलिस को यह बताया था कि उनके पिता की तबीयत खराब रहती है लेकिन इसके बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई और उनके पिता को घंटों तक बैठाए रखा। इससे उन्हें दिल का दौर आया। साथ ही चेतावनी दी कि यदि उनके पिता को कुछ हुआ तो वह टाउन पुलिस थाना के सामने आत्मदाह कर लेगा। घटना के बाद नगर परिषद कर्मचारियों एवं समर्थकों में भी रोष देखने को मिला। पूर्व सभापति रणवां ने आरोप लगाया कि पुलिस के दबाव में नगर परिषद अधिकारियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कर उन्हें राउंडअप किया जा रहा है, जिससे अधिकारी अपना काम नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निकाय चुनाव में भाजपा की हार के बाद राजनीतिक द्वेष के चलते जगह-जगह मुकदमे दर्ज करवाए जा रहे हैं। रणवां ने बीकानेर के बिछवाल थाने में दर्ज एक अन्य मुकदमे का भी उल्लेख किया। रणवां ने कहा कि पुलिस और प्रशासन को मामले में निष्पक्ष तरीके से जांच करनी चाहिए। यदि नगर परिषद अधिकारी निर्दोष पाए जाते हैं तो उन्हें राहत दी जानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रही तो जनता के साथ धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
