हनुमानगढ़। राजस्थान पेंशनर समाज की जिला शाखा की द्वितीय पाक्षिक बैठक शनिवार को पेंशनर हॉल में जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश माहेश्वरी की अध्यक्षता में हुई। बैठक में राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (आरजीएचएस) के तहत चिकित्सा सुविधाओं में कटौती पर चिंता जताते हुए राज्य सरकार से राहत देने की मांग की गई। वक्ताओं ने कहा कि दवाइयों की संख्या और जांचें सीमित किए जाने से पेंशनरों को परेशानी हो रही है। पहले एक माह की दवाइयां मिलती थीं, जबकि अब कई मामलों में केवल 15 दिन की दवाइयां दी जा रही हैं। इससे बुजुर्गांे को बार-बार अस्पताल जाना पड़ता है। अस्पतालों में पर्ची बनवाने, चिकित्सक को दिखाने और दवाइयां लेने के लिए अलग-अलग कतारों में लगना पड़ता है। पेंशनरों के लिए अलग ओपीडी काउंटर की व्यवस्था नहीं होने से दिक्कतें बढ़ रही हैं। बैठक में प्रांतीय कार्यालय से राज्य सरकार के समक्ष मामला उठाने तथा अस्पतालों को आवश्यक निर्देश जारी करवाने की मांग की गई। बैठक में बताया गया कि 80 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनर अक्टूबर से जीवन प्रमाण पत्र जमा करवा सकते हैं, जबकि अन्य पेंशनरों को 1 से 30 नवंबर तक इसे प्रस्तुत करना होगा। इसके लिए आवश्यक फॉर्म आगामी बैठक में उपलब्ध करवाए जाएंगे। बैठक में पेंशनर रमेश कौशिक का जन्मदिन मनाकर तिलक, कलावा और माल्यार्पण से सम्मानित किया गया। दीपेंद्रकांत शर्मा ने मारवाड़ी कविता ‘थारी बकरियां बादाम खावेÓ सुनाई। वहीं, लेखराज कुक्कड़ की धर्मपत्नी सरोज भारती और नीलम सिंगला की माताजी के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। बैठक में अखिलेश कौशिक, हनुमान राम बिश्नोई, सुरेश शेखावत, सुरेंद्र मोहन कटारिया, जयराम सेवकाणी, मोहनलाल वर्मा, हरिश्चंद्र महला, मनोहर लाल शर्मा, मोहम्मद इसाक खान, विजयलक्ष्मी, हरनेक सिंह, कद्दूराम मित्तल, राजाराम मूंड, सीताराम कायथ, मोहनलाल गोदारा, महेश कुमार, मनीराम बिस्सु, राजेंद्र बंसल, रमेश चंद्र शर्मा, राधेश्याम गोरा, मनीराम लकेशर, सांवरमल शर्मा, जगदीश चंद्र शर्मा, रवि दत्त शर्मा, बृजलाल शर्मा और दिनेश चंद्र शर्मा सहित अनेक पेंशनर मौजूद रहे।
