हनुमानगढ़। राज्य सरकार की जनकल्याणकारी सोच को धरातल पर उतारते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय दिया। दोनों पैरों से दिव्यांग एक जरूरतमंद व्यक्ति को मात्र 5 मिनट में दिव्यांग प्रमाण पत्र (यूडीआईडी कार्ड) उपलब्ध करवाकर विभाग ने मानवीय सेवा की मिसाल पेश की। नोहर क्षेत्र के गोगामेड़ी के समीप स्थित गांव निवासी निवासनाथ पिछले सात माह से दिव्यांग पेंशन से वंचित थे। ऑफलाइन दिव्यांग प्रमाण पत्र के कारण उनकी पेंशन बंद हो गई थी, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। गुरुवार 8 जनवरी को निवासनाथ अपनी माताजी के साथ स्वास्थ्य भवन पहुंचे, जहां मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा ने त्वरित संज्ञान लेते हुए महज 5 मिनट में उनका दिव्यांग प्रमाण पत्र ऑनलाइन करवा दिया। प्रमाण पत्र ऑनलाइन होते ही पेंशन की राह आसान हो गई। प्रमाण पत्र मिलने पर निवासनाथ एवं उनकी माताजी के चेहरे पर राहत और खुशी साफ झलक रही थी। उन्होंने कहा कि पेंशन पुन: मिलने से उनकी कई आर्थिक समस्याओं का समाधान हो जाएगा। सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार सभी ऑफलाइन दिव्यांग प्रमाण पत्रों को रिएसेसमेंट करवाकर ऑनलाइन किया जा रहा है, ताकि किसी भी दिव्यांग को योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी न हो। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन प्रक्रिया के लिए यूडीआईडी कार्ड, जनआधार एवं आधार कार्ड में नाम व जन्मतिथि का समान होना अनिवार्य है। निवासनाथ ने इस मानवीय सहयोग के लिए राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्रसिंह शेखावत, संवेदनशील शासन के लिए जिला कलक्टर डॉ. खुशाल यादव, सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा, नोहर के महन्त रूपनाथ एवं महन्त रूपनाथ के निजी सचिव शफी मोहम्मद भाटी का आभार व्यक्त किया।
