– उद्योगपति बोले-नाला निर्माण कार्य में हुआ जमकर भ्रष्टाचार, बात नहीं सुनते अधिकारी
हनुमानगढ़। रीको फेज प्रथम में बरसाती पानी की निकासी के लिए कुछ समय पहले बना नाला कई जगह से ध्वस्त हो चुका है। करीब छह माह पहले ही इस नाले का निर्माण करवाया गया था जो मानसून सीजन में हुई पहली बारिश ही नहीं झेल पाया। नाला टूटने से बरसाती पानी नजदीक ही स्थित सहकारी स्पिनिंग मिल के परिसर में घुस गया। अब हालात यह हैं कि उस पानी की निकासी न होने और रुके हुए गंदे पानी में सड़न पैदा होने से पूरे इलाके में बदबू का माहौल है। यह समस्या न केवल बदबू का कारण है, बल्कि गंभीर स्वास्थ्य और स्वच्छता संबंधी खतरों को भी पैदा कर रही है।

उद्योगपतियों के अनुसार इस समस्या के बारे में रीको के उच्चाधिकारियों को तथ्यों सहित अवगत करवाया जा चुका है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उद्योगपतियों ने नाले का निर्माण करवाने वाली कार्यकारी एजेंसी रीको पर नाला निर्माण कार्य में जमकर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। हनुमानगढ़ इंडस्ट्री एसोसिएशन के सचिव जयपाल जैन ने बताया कि रीको प्रथम फेज में रीको स्वयं कार्यकारी एजेंसी है। रीको की ओर से नाले, ड्रेनेज सिस्टम व रोड स्ट्रक्चर का सुधार करवाया जाता है। उसके लिए उद्योगपतियों से भारी-भरकम सर्विस चार्ज वसूल किया जाता है।

लेकिन कार्य की गुणवत्ता नहीं होती। इस कारण जो नाले बनते हैं वह गारंटी पीरियड के अन्दर ही टूट जाते हैं। गन्दा पानी फैक्ट्रियों में घुस जाता है। पिछले दिनों मानसून के सीजन में भी रीको का ड्रेनेज सिस्टम हो फेल गया था। उन्होंने बताया कि बारिश के दौरान सड़क पर जमा होने वाले पानी की निकासी की व्यवस्था ही रीको को करनी होती है जबकि सभी फैक्ट्रियों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बने हुए हैं। उद्योगपति नियमानुसार फैक्ट्री से बाहर पानी की निकासी नहीं कर सकते। लेकिन रीको के अधिकारी भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं। गुणवत्तापूर्ण कार्य न करवाए जाने के कारण नाले जल्द टूट जाते हैं।

उन्होंने बताया कि सहकारी स्पिनिंग मिल के पास बना नाला भी टूटा हुआ है लेकिन इस तरफ रीको अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे। अधिकारी बात नहीं सुनते। वह इस तरह धौंस जमाते हैं कि जैसे उनकी जेब से पैसा लग रहा हो। गंदा पानी स्पिनिंग मिल में भरने से मिल के आसपास बदबूदार माहौल बना हुआ है। अब तक जितने भी नालों का निर्माण हुआ है वह भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है। रीको मैनेजमेंट को इस पर संज्ञान ले। अगर भारी-भरकम सर्विस चार्ज वसूल किया जाता है तो व्यवस्था करने की जिम्मेवारी भी होनी चाहिए। इस समस्या के समाधान के लिए ईटीपी प्लांट लगाया जाए या सीईटीपी का निर्माण किया जाए। जिला प्रशासन भी इस पर ध्यान दे।
बिगाड़ रहा जमीन के पानी की गुणवत्ता
जयपाल जैन ने बताया कि रीको फेज प्रथम के पानी को पम्प हाउस से लिफ्ट कर सेकंड फेज के पास बाइपास पर ईटीपी-सीईटीपी प्लांट के लिए आवंटित की गई नगर परिषद की जगह में बनवाए गए बड़े-बड़े गड्ढों में पानी की निकासी की जा रही है। यह पानी धीरे-धीरे जमीन के अन्दर के लेवल के पानी को भी खराब कर रहा है। आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ पानी मिलने की उम्मीद नहीं है। यह पानी पीने से लोग बीमार होंगे। उन्होंने बताया कि जिस जगह गंदे पानी की निकासी की जा रही है उसके नजदीक ही वाटर वर्क्स बना हुआ है। इससे सप्लाई किए जाने वाले साफ पानी में उस दूषित पानी की मिलावट की संभावना बढ़ जाएगी।

क्या कहते हैं अधिकारी
हनुमानगढ़ रीको के क्षेत्रीय प्रबंधक अनूप श्रीवास्तव ने बताया कि करीब 65 लाख रुपए की लागत से नालियों का निर्माण कार्य रीको में चल रहा है। पूर्व में पर्याप्त बजट नहीं मिल पाया था। प्राप्त बजट के अनुसार नालियों का निर्माण करवाया जा रहा है। क्षतिग्रस्त नालियों का नए सिरे से निर्माण करवाने के लिए करीब पांच करोड़ रुपए का बजट मांगा गया है। अभी करीब दो करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है।
