हनुमानगढ़। बाड़मेर निवासी अर्जुनदास ने मंगलवार को जिला कलक्टर के समक्ष पेश होकर कस्टोडियन की जमीन व मकान से जुड़े मामले में न्याय की गुहार लगाई। अर्जुनदास ने बताया कि उनकी माता लक्ष्मी देवी हनुमानगढ़ में निवास करती हैं, जबकि उनके पिता को डबलीबास मौलवी क्षेत्र में कस्टोडियन की जमीन और मकान आवंटित हुआ था। इसके बावजूद आज तक न तो जमीन का कब्जा मिला और न ही मकान उनके अधीन आ सका। अर्जुनदास के अनुसार, जिस मकान का पट्टा उनके पिता के नाम था, वह किसी अन्य व्यक्ति के नाम कर दिया गया और उसी ने मकान पर कब्जा कर रखा है। जबकि डबलीराठान ग्राम पंचायत के रजिस्टर में आज भी कस्टोडियन का पट्टा उनके पिता के नाम दर्ज है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 1987 का एक कथित फर्जी आदेश पेश किए जाने के कारण उन्हें अब तक न्याय नहीं मिल पाया है। उन्होंने बताया कि मामले की जांच के लिए संबंधित अधिकारियों को पत्र दिया गया, लेकिन बीडीओ ने मनमाने ढंग से एक ही व्यक्ति को जांच अधिकारी नियुक्त कर दिया। जांच के दौरान न तो उन्हें बुलाया गया और न ही उनका पक्ष सुना गया। उन्होंने कई बार पत्राचार किया और जांच अधिकारी से संपर्क का प्रयास किया, लेकिन कॉल तक रिसीव नहीं की गई। बाद में जांच रिपोर्ट तैयार कर दी गई, जिसकी कोई आधिकारिक सूचना उन्हें नहीं दी गई और रिपोर्ट केवल व्हाट्सएप के माध्यम से प्राप्त हुई। अर्जुनदास का कहना है कि जांच रिपोर्ट में ग्राम पंचायत का हवाला दिया गया है, जबकि पंचायत रिकॉर्ड में आज भी पट्टा उनके नाम दर्ज है। उन्होंने जिला कलक्टर से मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच एक स्वतंत्र कमेटी से करवाई जाए, ताकि उन्हें कस्टोडियन की जमीन और मकान पर न्याय मिल सके।
